CG Prime News @ दुर्ग। ऑनलाइन ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। थाना सुपेला की चौकी स्मृतिनगर पुलिस ने इन्हें पकड़ा है। आरोप है कि दोनों ने एक व्यक्ति को घर छोड़ने का बहाना बनाकर उसका मोबाइल लिया, फोन-पे का पासवर्ड हासिल किया और उसके बैंक खाते से 45,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 85,000 रुपये का माल बरामद किया है।
क्या है पूरा मामला?
सरताज अंसारी (निवासी कातुलबोर्ड, भिलाई) ने 1 नवंबर 2026 को चौकी स्मृतिनगर में ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके अनुसार 30 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे से 11:09 बजे के बीच राजेन्द्र पटेल उर्फ राहुल और नितेश राजपूत उर्फ चिंटू ने उन्हें घर छोड़ने के बहाने उनका मोबाइल ले लिया। इसके बाद चालाकी से फोन-पे का पासवर्ड जान लिया और उनके बैंक खाते से 45,000 रुपये अपने एक परिचित के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
रिपोर्ट पर थाना सुपेला, चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 1650/2026, धारा 318(4) और 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के आरोपियों को कैसे पकड़ा?
मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने टीम बनाई और तकनीकी सबूतों की बारीकी से जांच की। मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों संदेहियों की पहचान हुई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नितेश राजपूत उर्फ चिंटू ने लोगों से करीब 50,000 रुपये उधार लिए थे। दीपावली के मौके पर कर्ज देने वाले पैसे वापस मांग रहे थे और उसके पास रुपये नहीं थे। इसी वजह से दोनों ने मिलकर ठगी की योजना बनाई।

योजना के मुताबिक दोनों एक्टिवा से बटालियन भट्ठी पहुंचे। वहां प्रार्थी को घर छोड़ने के बहाने उसका मोबाइल लिया, फोन-पे का पासवर्ड हासिल किया और 45,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
- नगद 45,000 रुपये
- घटना में इस्तेमाल हुए 3 मोबाइल फोन
- घटना में इस्तेमाल हुई 1 एक्टिवा
कुल बरामद माल की कीमत करीब 85,000 रुपये है। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- राजेन्द्र पटेल उर्फ राहुल (26 साल), निवासी हरि नगर, कातुलबोर्ड, थाना मोहन नगर
- नितेश राजपूत उर्फ चिंटू (27 साल), निवासी साकेत कॉलोनी, थाना मोहन नगर
ऐसी ठगी से कैसे बचें?
इस मामले से सबक यह है कि अनजान या कम जान-पहचान वाले व्यक्ति को अपना मोबाइल फोन न दें। फोन-पे, गूगल पे जैसे ऐप का पासवर्ड या पिन किसी को न बताएं। अगर ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
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