CG Prime News@भिलाई. Major uproar during bulldozer action in Bhilai nagar nigam भिलाई में बुलडोजर एक्शन के दौरान मंगलवार को जमकर बवाल हो गया है। निगम की संयुक्त टीम ने सुपेला स्थित परदेशी चौक के पास संचालित व्यापारियों द्वारा दुकानों के सामने किए गए अवैध अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटाया गया। इस दौरान स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों ने निगम पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि निगम ने केवल कुछ दुकानों पर बुलडोजर चलाया, जबकि प्रभावशाली लोगों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों की दुकानों को छोड़ दिया। विरोध कर रहे व्यापारियों ने निगम अधिकारियों का घेराव किया और नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए।

भिलाई में बुलडोजर एक्शन के दौरान जमकर बवाल, व्यापारियों ने लगाया पक्षपात का आरोप
कार्रवाई समान रूप से होनी चाहिए
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क किनारे बनी दुकानें अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं, तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। उनका आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की दुकानों को जानबूझकर छोड़ दिया गया, जबकि अन्य दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। इसी कथित भेदभाव के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर उतर आए।

सड़क पर लग गया जाम
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। विरोध के चलते निगम को कुछ समय के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकनी पड़ी। मामले में जोन आयुक्त दीपक कोसरिया का कहना है कि विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात की गई। पुलिस ने लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल निगम की टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद है।हालात पर नजर बनाए हुए है।
लोगों में नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और समान होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो पूरी लाइन की सभी दुकानों पर एक साथ कार्रवाई की जाए। चुनिंदा दुकानों को निशाना बनाने से लोगों में नाराजगी है।
आरोपों को किया खारिज
जोन आयुक्त दीपक कोसरिया ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने नाली से बाहर तक शेड निकालकर अतिक्रमण किया है। जिनका शेड नाली की सीमा तक है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। सभी पर एक जैसी कार्रवाई करना संभव नहीं है।
