CG Prime News@भिलाई.Bhilai Encroachment News 2026 छत्तीसगढ़ के भिलाई में सोमवार तड़के सुबह एक मदरसे और स्कूल के अवैध कब्जे पर नगर निगम भिलाई ने बुलडोजर चला दिया। अवैध कब्जे के खिलाफ भिलाई निगम की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। जिसमें भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 1200 वर्ग मीटर से ज्यादा अतिक्रमित भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है।
आरक्षित वर्ग की भूमि पर कब्जा
अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई भिलाई के वार्ड 7 अंतर्गत आनंद नगर और उल्लास नगर में की गई है। जहां पर राजस्व ग्राम कोहका के खसरा नंबर 293/5 और 293/6 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए आरक्षित भूमि में किए गए बेजा कब्ज को ढहाया गया है।
नोटिस का नहीं दिया जवाब
भिलाई नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार कब्जा किए गए भूमि पर नईमा खातून द्वारा 270 वर्ग मीटर पर मदरसा, शाकरुनिशा द्वारा 105 वर्ग मीटर , राबिया खातून द्वारा 105 वर्ग मीटर, शहनाज बेगम द्वारा 168 वर्ग मीटर, 180 वर्ग मीटर पर कर्बला, 420 वर्ग मीटर पर शिवा पब्लिक स्कूल द्वारा बाउंड्री वॉल घेरा किया गया था। इन बेजा कब्जाधारियों को कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। ना ही भू स्वामित्व संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद इस कब्जे को ढहाया गया है।
हाई कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
भिलाई नगर निगम ने बताया कि इसके पूर्व 2014, 2018 साल 2020 और 2025 में भी अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया था। लेकिन कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने और पर्याप्त पुलिस बल की कमी के कारण बेदखली कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। जिस पर हाई कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। 28 अप्रैल 2026 में आदेश पारित कर अतिक्रमण हटाने के विफलता पर अप्रसन्नता व्यक्त की थी। इस अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही थी। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को भी इस मामले में पत्र मिला था। उन्होंने भी आरक्षित भूमि से बेजा कब्जा तत्काल हटाए जाने की मांग की थी।
भारी पुलिस बल की तैनाती
भिलाई के वार्ड 7 में मदरसे, कर्बला और स्कूल के अवैध अतिक्रमण को लेकर की गई कार्रवाई के दौरान सोमवार तड़के सुबह 4:00 बजे वार्ड 7 में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस दौरान स्मृति नगर, वैशाली नगर, सुपेला सहित जिले के अन्य पुलिस थानों से भी भारी पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया था। नगर निगम के अधिकारियों के साथ ही पुलिस के बड़े अधिकारी भी अतिक्रमण की कार्रवाई हटाने के दौरान मौके पर मौजूद रहे।

