Sunday, May 24, 2026
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कांगो-युगांडा में इबोला का कहर: WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, 88 मौतों से बढ़ी चिंता

दुर्लभ ‘बुंडिबुग्यो वायरस’ से फैला संक्रमण, अब तक 300 से अधिक संदिग्ध मामले; WHO ने सीमाओं पर सख्त निगरानी की दी सलाह।

by cgprimenews.com
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कांगो और युगांडा में फैले इबोला वायरस के बीच WHO द्वारा ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किए जाने का प्रतीकात्मक दृश्य।

जिनेवा/किंशासा. Ebola outbreak in Congo and Uganda: WHO declares global health emergency, 88 deaths raise concerns. अफ्रीकी देशों कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस प्रकोप को “अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” घोषित किया है।

स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार अब तक 300 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जबकि 88 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। WHO प्रमुख Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि स्थिति महामारी के स्तर तक नहीं पहुंची है, लेकिन पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने का खतरा काफी अधिक है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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दुर्लभ वायरस बना बड़ी चुनौती

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा प्रकोप ‘बुंडिबुग्यो वायरस डिजीज’ (BVD) की वजह से फैला है। यह इबोला का बेहद दुर्लभ प्रकार माना जाता है, जिसके लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या प्रभावी दवा उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संक्रमितों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि कई ग्रामीण इलाकों में जांच और रिपोर्टिंग सीमित है। कांगो में इससे पहले भी कई बार इबोला फैल चुका है, लेकिन BVD वायरस का यह केवल तीसरा बड़ा मामला माना जा रहा है।

गोमा और कम्पाला तक पहुंचा संक्रमण

कांगो के पूर्वी प्रांत इतुरी से शुरू हुआ संक्रमण अब प्रमुख शहर गोमा तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने गोमा में एक महिला के संक्रमित होने की पुष्टि की है, जो इबोला पीड़ित पति के संपर्क में आई थी। वहीं युगांडा की राजधानी कम्पाला में भी संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अस्पतालों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर निगरानी की जा रही है। अस्पतालों में मास्क, सैनिटाइजेशन और स्क्रीनिंग अभियान तेज कर दिए गए हैं।

WHO की सलाह: सीमाएं बंद न करें

WHO ने देशों को सीमा जांच, स्क्रीनिंग और आपातकालीन स्वास्थ्य प्रबंधन तंत्र मजबूत करने की सलाह दी है। संगठन ने संक्रमित मरीजों को तुरंत आइसोलेट करने और संपर्क में आए लोगों की निगरानी बढ़ाने को कहा है। हालांकि WHO ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमाएं बंद करने या व्यापार रोकने से स्थिति और बिगड़ सकती है, क्योंकि लोग अवैध रास्तों से यात्रा करने लगेंगे।

क्या हैं इबोला के लक्षण?

इबोला एक गंभीर और अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। इसके मुख्य लक्षण तेज बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी, उल्टी और डायरिया हैं। यह संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ, दूषित वस्तुओं या संक्रमित शव के संपर्क से फैलता है।

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