Thursday, May 14, 2026
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देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR सर्वे

चुनाव आयोग ने 3 रे फेज का किया ऐलान

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दिल्ली. The SIR survey will be conducted in 16 states and 3 Union Territories of the country. देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयोग ने SIR की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली, आंध्रा समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) का ऐलान किया है। यह SIR का तीसरा फेज होगा।

30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि SIR की पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन होगा। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।

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देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR

3 राज्यों-UT को छोड़कर पूरे देश में पूरा होगा SIR

SIR के तीसरे फेज के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। तीनों बचे हुए राज्यों में खराब मौसम और जनगणना के कारण SIR के शेड्यूल की घोषणा बाद में की जाएगी। तीसरे फेज में SIR वाले राज्यों में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा वोटर हैं। दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव में वोटरों की संख्या सबसे कम है।

SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश

SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।

3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट तैनात होंगे

चुनाव आयोग ने बताया कि तीसरे फेज की SIR प्रक्रिया में 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात होंगे। BLO की मदद के लिए राजनीतिक पार्टियों की तरफ नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी शामिल रहेंगे।

SIR क्या है?

यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के नए लोगों को वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है।

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