Thursday, May 14, 2026
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बस्तर के आखिरी बड़े नक्सली कमांडर पापाराव ने 18 साथियों के साथ किया सरेंडर

जंगल से निकलकर पहुंचा था थाने

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@जगदलपुर. Naxal Commander Paparao Surrenders with 18 Associates छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सली लीडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। पापाराव बस्तर का आखिरी बड़ा कमांडर था। बुधवार (25 मार्च) को जगदलपुर के शौर्य भवन में डीजीपी अरुण देव गौतम, बस्तर आईजी सुंदरराज समेत अन्य पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में सभी नक्सलियों को सरेंडर कराया गया। इसी दिन ओडिशा में 55 लाख के इनामी सुकरू ने भी अपने साथियों के साथ हथियार डाले हैं।

जंगल से निकलकर पहुंचा था थाने

बताया जाता है कि इसके सरेंडर के बाद कोई बड़ा नक्सली लीडर अब संगठन में नहीं बचा है। एक दिन पहले पापाराव अपने साथियों के साथ जंगल से निकलकर कुटरू थाने पहुंचा था। जहां पुलिस को हथियार सौंपे गए। सरेंडर नक्सलियों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। जो अपने साथ 8 एके-47, 1 एसएलआर, 1 इंसास सहित अन्य हथियार लाए थे।

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बस्तर के आखिरी बड़े नक्सली कमांडर पापाराव ने 18 साथियों के साथ किया सरेंडर

ओडिशा में 55 लाख के इनामी नक्सली का सरेंडर

पापाराव के सरेंडर वाले दिन ही ओडिशा में 5 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। इनमें 55 लाख का इनामी सुकरू भी शामिल है। ओडिशा के कंधमाल में केंद्रीय समिति का सदस्य गणेश उइके के एनकाउंटर के बाद सुकरू ने भी आत्मसमर्पण का फैसला लिया।

  1. सुकरू, एससीएम (55 लाख इनामी)
  2. रावा संजय, पी.एम
  3. बनिला, पी.एम
  4. रोनी, पी.एम
  5. कुनी, पी.एम 8वीं कंपनी सीपीआई

    बदलाव के लिए बंदूक छोड़े

    गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को कहा कि हाथ में बंदूक रखकर जंगल में ना घूमे। हमारे शिक्षादूतों का गला ना काटे। नदी तालाब सड़क किनारे IED ना बिछाए। हमारे सविंधान को चुनौती ना दें। बदलाव चाहते हैं तो समाज में जनता का बहुमत प्राप्त करें।

    17 बड़े कैडर्स का एनकाउंटर किया गया

    पिछले साल ही नक्सल संगठन के सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन का सचिव बसवाराजू, गणेश उइके समेत 17 बड़े कैडर्स का एनकाउंटर किया गया। भूपति, रूपेश, रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं। बस्तर में बटालियन नंबर 1 का कमांडर देवा ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। अब केवल पापाराव ही एक ऐसा नक्सली बचा था, जो लड़ाकू है।

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