बलौदाबाजार. पुलिस द्वारा पूर्व में विभिन्न अपराधों में संलिप्त रहे किशोरों एवं विधि से संघर्षरत बालकों के पुनर्वास हेतु “ऑपरेशन परिवर्तन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस कम्युनिटी हॉल बलौदाबाजार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरों को अपराध की दुनिया से दूर कर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।
पुनर्वास और परामर्श पर विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के किशोरों को दोबारा अपराध की ओर न लौटने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के तहत परामर्श सत्र, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्स्थापना पर विशेष ध्यान दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने कहा कि “ऑपरेशन परिवर्तन” का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ सुधारात्मक और पुनर्वास आधारित दृष्टिकोण अपनाना है, ताकि किशोरों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
विशेषज्ञों ने दी काउंसलिंग और मार्गदर्शन
कार्यक्रम में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मोनिंदर घृतलहरे ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से किशोरों को पढ़ाई पर ध्यान देने, नशे से दूर रहने और परिवार के साथ बेहतर व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। एसडीओपी अपूर्वा क्षत्रिय ने किशोरों को गलत संगत से दूर रहकर नई शुरुआत करने और योग-ध्यान जैसे सकारात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी।
जिला कल्याण काउंसलर ने भी किशोरों को पुराने गलत कार्यों को पीछे छोड़कर नए सकारात्मक विचारों के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
43 किशोरों सहित अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड के अधिकारी, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि, काउंसलर एवं जिले के सभी थाना-चौकी के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कुल 43 विधि से संघर्षरत बालक एवं उनके परिजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
