धमतरी।छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और धमतरी पुलिस के सतत नक्सल विरोधी अभियानों का बड़ा असर देखने को मिला है। 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी (37 वर्ष) ने आज धमतरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। भूमिका नगरी एरिया कमेटी की सदस्य एवं गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में सक्रिय थी।
पुलिस अभियान और सिविक एक्शन का असर
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाली भूमिका माओवादी विचारधारा से मोहभंग होकर सामने आई। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लगातार ऑपरेशन, सिविक एक्शन कार्यक्रम, पोस्टर-बैनर और पंपलेट के माध्यम से किए गए प्रचार-प्रसार से वह प्रभावित हुई।
2005 से माओवादी संगठन में थी सक्रिय
भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह प्लाटून-01 में रही और बाद में उड़ीसा राज्य कमेटी में कार्यरत रही। वर्ष 2011 से 2019 तक वह सीसीएम संग्राम की गार्ड रही। इसके पश्चात सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम तथा सितंबर 2023 से गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में जिम्मेदारी निभा रही थी।
कई मुठभेड़ों में रही शामिल
भूमिका उर्फ गीता विभिन्न वर्षों में ओडिशा, बीजापुर, गरियाबंद और धमतरी के जंगलों में हुई कई नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही। इनमें 2010 के पड़कीपाली, 2018 के तिमेनार और 2024-25 के धमतरी क्षेत्र की मुठभेड़ प्रमुख हैं।
पुनर्वास नीति के तहत सहायता
आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के तहत उसे 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता है और अन्य भटके युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगा।