Friday, June 26, 2026
Home » Blog » कॉलेज का प्रिंसिपल बनना चाहता था प्रोफेसर, मौका नहीं मिला तो मौजूदा प्राचार्य को रास्ते से हटाने घर भेज दिया पार्सल बम, विस्फोट से दो की मौत

कॉलेज का प्रिंसिपल बनना चाहता था प्रोफेसर, मौका नहीं मिला तो मौजूदा प्राचार्य को रास्ते से हटाने घर भेज दिया पार्सल बम, विस्फोट से दो की मौत

by CG Prime News
0 comments

रायपुर। यूट्यूब से सीखकर घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी सामने आया, जहां एक सनकी ने यूट्यूब से सीखकर पार्सल बम बना लिया। सनकी एक निजी कॉलेज में इंग्लिश का प्रोफेसर था जो कॉलेज का प्रिंसिपल बनना चाहता था। अपनी जगह किसी और को प्रिंसिपल बनता देख उसने बदला लेने की ठानी और पार्सल बम तैयार कर कॉलेज के मालिक के घर भेज दिया। जैसे ही घर के लोगों ने पार्सल खोला, उसमें रखा बम ब्लास्ट हो गया।

अब एडीजे ने सुनाया फैसला

इस घटना में नवविवाहित सौम्य शेखर साहू और उनकी दादी जेमामनी की मृत्यु हो गई। जबकि नवविवाहिता रीमा रानी साहू गंभीर रूप से घायल हुई। मन की कुंठा शांत करने रची गई इस साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है। आरोपी को उम्र कैद की सजा दी गई है। साथ ही करीब दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने अंग्रेजी लेक्चरर पुंजीलाल मेहर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Parcel bomb case cg ऐसे रची पूरी साजिश

आरोपी पाटनागढ़ के भैंसा स्थित ज्योति विकास कॉलेज का प्रिंसिपल बनना चाहता था। लेकिन, यहां संयुक्ता को पुंजीलाल की जगह कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया। इससे आरोपी आहत हुआ। उसने खुद के साथ हुए अन्याय का बदला लेने की ठान ली। इस पर उसने संयुक्ता के पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई। संयुक्ता के बेटे की शादी के गिफ्ट के तौर पर पार्सल बम तैयार कर संयुक्ता के घर कूरियर से भेज दिया।

यह पार्सल बम शादी के पांच दिन बाद प्राप्त हुआ, जिसे खोलते ही विस्फोट हुआ। पुंजीलाल ने ऑटो वाले को पार्सल बुक करवाने के लिए भेज दिया। कूरियर का कैमरा खराब था, इसलिए किसी का फुटेज नहीं आया। ऑटोवाला कूरियर करने के बाद लौटा और पुंजीलाल भी उसी आटो से स्टेशन चला गया।

यूट्यूब से सीखा बम बनाना

अंग्रेजी के लेक्चरर पुंजीलाल ने यू-ट्यूब से सीखकर पार्सल बम तैयार किया था। लोकेशन पाटनागढ़ दिखती रहे, इसलिए ऑन मोबाइल वहां छोड़कर पुंजीलाल ट्रेन से रायपुर आया। अपने एक छात्र की आईडी से पार्सल ऑटो रिक्शे वाले को भेजकर बुक करवाया।

You may also like