Sunday, March 22, 2026
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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के रसूखदार आरोपी फरार, तीन दिन बीत गए

पीडब्ल्यूडी टाइमकीपर मुख्य सरगना, सोशल मीडिया पर सांसद का पीए बताकर बनाता था दबाव

by cgprimenews.com
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भिलाई में नाबालिग दुष्कर्म मामले में फरार आरोपी और पुलिस जांच की प्रतीकात्मक तस्वीर

सोशल मीडिया पर एसआईटी और सीबीआई से जांच कराने की चर्चा

भिलाई। CG Prime News। नाबालिग से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के एक बेहद संवेदनशील मामले में रसूखदार आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। घटना के तीन दिन बाद भी मुख्य आरोपी सहित कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी होगी, लेकिन सोशल मीडिया पर मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। (Three days have passed since the influential accused of gang rape of a minor absconded.)

नौकरी का झांसा, फिर सात साल तक शोषण

पीड़िता ने महिला थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि पीडब्ल्यूडी में टाइमकीपर के पद पर पदस्थ कृपा शंकर कश्यप उर्फ राजू ने उसे डेलीवेज में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर वह उसे डराता रहा। आरोप है कि उसने अपने दोस्तों और करीबियों के साथ मिलकर अलग-अलग रेस्ट हाउस और दुर्ग के एक स्थान पर सामूहिक दुष्कर्म किया।

तीन आरोपी जेल, मुख्य सरगना फरार

महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विजय एसवाइल, गोविंद सिंह ठाकुर और अनिल चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि मुख्य आरोपी कृपा शंकर कश्यप, बीएन पांडेय और संजय पंडित अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी कोर्ट से जमानत की जुगत में जिले से बाहर भाग चुके हैं। कृपा शंकर कश्यप उर्फ राजू सेक्टर-5 मंदिर का संरक्षक है। यहां भी उसकी हरकतों की चर्चा है।

रसूख का खेल, सोशल मीडिया पर पहचान का दुरुपयोग

जानकारी के अनुसार आरोपी बीएन पांडेय ने अपने फेसबुक प्रोफाइल में खुद को सांसद और पूर्व मंत्री का पीए बताया हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी रसूख के चलते पीड़िता लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा सकी। सेक्टर-5 टाउनशिप में चर्चा है कि आरोपियों का संगठित गिरोह है, जो पीडब्ल्यूडी और नगर निगम से जुड़े ठेकों में भी दखल रखता है। बड़े-बड़े अधिकारियों की काली कमाई को ब्याज पर चलाने का काम करते है।

एसआईटी और सीबीआई जांच की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर एसआईटी गठन और सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि रेस्ट हाउसों के सीसीटीवी फुटेज, ठहरने के रजिस्टर और आरोपियों के संपर्कों की गहन जांच होनी चाहिए। विभाग के बड़े अफसरों और एक मीडिया ग्रुप का मीडियाकर्मी भी इनसे जुड़ा बताया जा रहा है। इसका एक रिश्तेदार है जो उसके दमपर पीडब्ल्यूडी व निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों पर रौब चमाता  है।

पुलिस का पक्ष, अन्य पीड़ित आए तो लिया जाएगा बयान

एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि मामले में तकनीकी इन्वेस्टिगेशन चल रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आगे यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। मामला संवेदनशील है। पुलिस ने बिना देरी किए अपराध दर्ज कर तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

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