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सर, अब तो मैं घर से ही बाहर नहीं निकलूंगी, दुर्ग DIG बोले-स्कूल जाना, पढ़ाई करना

तोहफेे, मिठाई और चॉकलेट लेकर पहुंचे DIG

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime News@दुर्ग. Three minor girls missing case Bhilai सुपेला थाना क्षेत्र से लापता हुई तीन नाबालिग बच्चियां दुर्ग पुलिस, GRP बिलासपुर के त्वरित एक्शन से एक दिन बाद सकुशल अपने घर तो पहुंच गई, लेकिन अभी भी उनके मन में डर हावी था। इसलिए बच्चियों की काउंसलिंग करने के लिए सोमवार को दुर्ग DIG विजय अग्रवाल स्वयं उनके घर पहुंच गए। अचानक DIG को अपने घर में देखकर पैरेंट्स भी चौंक गए। DIG विजय अग्रवाल ने कहा कि मैं, इनकी काउंसलिंग करने आया हूं। इनके मन से भय को दूर करने आया हूं। ताकि भविष्य में ये बच्चियां इस तरह का कोई गलत कदम न उठा लें।

तोहफेे, मिठाई और चॉकलेट लेकर पहुंचे DIG

DIG अग्रवाल ने पहले तो तीनों बच्चियों से मुलाकात की। उनका हाल-चाल जाना। साथ ही बच्चियों को तोहफे, मिठाईयां और चॉकलेट दिया। इस बीच उन्होंने बच्चियों से कहा अब दोबारा घर नहीं छोडऩा। एक बच्ची कहनी लगी-सर, अब तो मैं घर से ही बाहर नहीं निकलूंगी। डीआईजी ने हंसते हुए उससे कहा-बेटा घर से बाहर निकलना है, लेकिन अपने पैरेंट्स को बताकर जाना है।

पूरा ध्यान पढ़ाई पर देना है। रोज स्कूल जाना है। किसी भी अंजान शख्स पर भरोसा नहीं करना है। बच्चियों ने डीआईजी अग्रवाल की बात को ध्यान से सुना और दोबारा ऐसा नहीं करने की बात कही। डीआईजी ने बच्चियों के बाद उनके पैरेंट्स से भी बातचीत की। उन्होंने समझाया कि बच्चों को डांटना, मारना नहीं है। प्यार से उनकी बातें सुनकर उन्हें सही और गलत का फर्क समझाना है।

अब जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल सुपेला थाना क्षेत्र की तीन नाबालिग बच्चियां घर में किसी को सूचना दिए पैरेंट्स की डांट फटकार से बचने के लिए ट्रेन में सवार होकर बिलासपुर के उसलापुर पहुंच गई थी। परिजन रात भी बच्चियों को ढूंढते रहे। जिसके बाद पुलिस में शिकायत की। दुर्ग पुलिस ने बच्चियों को एक दिन बाद ढूंढकर उनके परिजनों को सौंप दिया।

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Bhilai: पापा के डांट के डर से घर से निकली 3 बच्चियां, एक दिन बाद उसलापुर में मिली

सिलसिलेवार घटनाक्रम

सुपेला थाना क्षेत्र की तीनों नाबालिग बच्चियों परिजनों को बताए बिना स्मृति नगर क्षेत्र के सुपर मार्केट पहुंच गई थीं। यहां तीनों बच्चियों में से एक लड़की ने अपने कपड़े में एक चाकलेट छिपा लिया। दुकान से बाहर निकलते वक्त स्टाफ ने बच्ची को चाकलेट बिना बिल किए ले जाते हुए पकड़ लिया। जब स्टाफ ने तलाशी ली तो एक बच्ची ने कपड़े से चाकलेट निकालकर दिया और इस बात के लिए उनसे माफी मांगी।

सुपर मार्केट के स्टाफ ने परिजनों को दी सूचना

सुपर मार्केट के स्टाफ ने इस बात को लेकर तीनों बच्चियों से घर-परिवार के बारे में पूछताछ की। एक बच्ची के घर वालों को फोन कर इस बारे में जानकारी दी। स्टाफ अपने काम में जुटा था, इसी बीच तीनों बच्चियां वहां से बिना बताए चुपके से निकल गई। सीधे पावरहाउस रेलवे स्टेशन पहुंच गई। जहां घटना को लेकर घर वालों की डांट फटकार से बचने के लिए वे घबराकर ट्रेन में सवार हो गई। जब देर रात तक बच्चियां घर नहीं पहुंची तब अगली सुबह परिजनों ने पुलिस में शिकायत की। हांलाकि सुपेला, स्मृति नगर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने रात में ही खोजबीन शुरू कर दी थी। पुलिस ने शिकायत मिलते ही अलग-अलग टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चियों को जीआरपी बिलासपुर के उसलापुर की मदद से रेलवे स्टेशन से बरामद कर दिया।

तीनों बालिकाओं ने किसी को नहीं बताया था

सुपेला थाना पुलिस ने बताया कि 6 फरवरी 2026 को शाम लगभग 4 बजे थाना सुपेला क्षेत्र अंतर्गत अर्जुन नगर कैंप-1, सुपेला की रहने वाली तीन बालिकाएं घर से नाराज होकर बिना बताए चली गई थीं। 7 फरवरी 2026 को परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने पर थाना सुपेला में गुमशुदगी के संबंध में अपराध क्रमांक 221/2026 एवं 222/2026 कायम कर विधिवत विवेचना में लिया गया।

अलग-अलग टीमों का गठन किया गया

बालिकाओं के गुम होने की सूचना प्राप्त होते ही दुर्ग DIG विजय अग्रवाल ने तत्काल टीम गठित करने का निर्देश दिए। नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक बालक विरुद्ध अपराध चित्रा वर्मा के नेतृत्व में चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों द्वारा क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन, गवाहों से पूछताछ और संभावित स्थानों पर लगातार पतासाजी की गई। साथ ही आरपीएफ, जीआरपी और चाइल्ड लाइन को भी सूचना देकर समन्वय स्थापित किया गया।

प्राप्त सूचनाओं के आधार पर रेलवे पुलिस द्वारा तीनों बालिकाओं को उसलापुर, जिला बिलासपुर से सकुशल दस्तयाब किया गया है। बालिकाओं को नियमानुसार सुरक्षित चिल्ड्रन होम में रखा गया। जिसके बाद अगली सुबह बच्चियों को उनके परिजनों को सौंपा गया।

 

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