दुर्ग। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर की चपेट में हैं और तापमान लगातार नीचे जा रहा है। मैनपाट प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यहां ओस की बूंदें जमने लगी हैं, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है। अधिकांश जिलों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है।
(Severe cold wave conditions in Chhattisgarh, cold wave alert issued)
मैदानी जिलों की बात करें तो दुर्ग जिले में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार को यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में रात का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शीतलहर के चलते 10 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश
प्रदेश के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में शीतलहर और कड़ाके की ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। हालात को देखते हुए इन जिलों में प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। दो पालियों में संचालित होने वाले स्कूलों का समय भी बदलकर सुबह 9:30 बजे से कर दिया गया है।
अंबिकापुर में रात का तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मैदानी इलाकों में रायपुर और दुर्ग सबसे ठंडे रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 17 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 15 जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही नागरिकों के लिए हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान दुर्ग में 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 3.8 डिग्री रहा।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ इलाके में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सोने के कारण वे हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए थे।
यह अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले 11 दिसंबर की रात बस स्टैंड क्षेत्र में खुले में सो रहे एक व्यक्ति की भी ठंड के कारण जान चली गई थी।
