Thursday, February 19, 2026
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दुर्ग में JJ Act व POCSO Act पर रेंज स्तरीय कार्यशाला आयोजित

UNICEF के सहयोग से बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण, बाल संरक्षण तंत्र मजबूत करने पर जोर

by cgprimenews.com
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भिलाई सिविक सेंटर में आयोजित JJ Act और POCSO Act पर पुलिस अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला

दुर्ग | बाल संरक्षण एवं किशोर न्याय से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से दुर्ग जिला पुलिस द्वारा रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भिलाई स्थित सीए बिल्डिंग, सिविक सेंटर में आयोजित हुई, जिसमें बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को JJ Act एवं POCSO Act के प्रावधानों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन UNICEF के सहयोग से किया गया।

बाल संरक्षण कानूनों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के प्रावधानों की व्यवहारिक जानकारी देना रहा। प्रशिक्षण के दौरान बाल पीड़ितों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया, चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग, प्राथमिकी पंजीयन, मेडिकल परीक्षण, परामर्श एवं पुनर्वास प्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी गई।

केस स्टडी के माध्यम से विवेचना के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई, जिससे अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर कार्रवाई करने की समझ विकसित हो सके।

समन्वित जांच और पुनर्वास पर विशेष जोर

कार्यक्रम में जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति रही। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। संयुक्त प्रशिक्षण से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे किशोर न्याय मामलों की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और विधिक प्रक्रिया का पालन अत्यंत आवश्यक है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना और समयबद्ध कार्रवाई से ही पीड़ित बच्चों को त्वरित न्याय मिल सकता है।

विभिन्न विभागों की सहभागिता

कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड, आरपीएफ, जीआरपी, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, बालगृह, परिवीक्षा अधिकारी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी विभागों ने बाल सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की।

सराहनीय योगदान

कार्यशाला के सफल आयोजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ममता देवांगन, नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा सहित महिला थाना स्टाफ एवं प्रशिक्षण शाखा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों से जुड़े किसी भी अपराध या शोषण की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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