Home » Blog » 242 यात्रियों में अकेले जिंदा बचे रमेश की आपबीती…, मुझे विश्वास नहीं होता, मैं कैसे जिंदा बचा

242 यात्रियों में अकेले जिंदा बचे रमेश की आपबीती…, मुझे विश्वास नहीं होता, मैं कैसे जिंदा बचा

by CG Prime News
0 comments

अहमदाबाद। Ahmadabad plane crash सबकुछ मेरे सामने हुआ। मुझे पता नहीं कैसे यह हुआ। मुझे विश्वास नहीं होता कि मैं कैसे जिंदा बाहर निकला। थोड़े वक्त के लिए लगा था कि मैं भी मरने वाला हूं। मेरी आंख खुली तो लगा कि मैं जिंदा हूं। मैंने सोचा मैं यहां से निकल सकता हूं और मैं निकल गया।

अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के प्लेन क्रैश हादसे में जिंदा बचे इकलौते यात्री विश्वास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मीडिया को अपनी आपबीती बताई। विश्वास ने कहा कि, टेक ऑफ होते ही पांच-दस सेकेंड के अंदर लगा कि स्टाप हो गया। बाद में ग्रीन और व्हाइट लाइट ऑन हो गई। फिर जैसे ही स्पीड बढ़ाई। उसी समय गिर गया और धमाका हो गया।

लोग मेरे सामने जलते रहे

मेरी सीट प्लेन के जिस हिस्से में थी, वो बिल्डिंग के निचले हिस्से से टकराया होगा। ऊपर के हिस्से में आग लग गई थी, कई लोग वहीं फंसे गए। शायद मैं सीट समेत नीचे गिर गया था। मैं जैसे-तैसे निकल पाया। दरवाजा टूट गया था और सामने कुछ खाली जगह दिखी, तो निकलने की कोशिश की। दूसरी साइड पर दीवार थी, वहां से शायद कोई नहीं निकल सका। आंखों के सामने ही दो एयर होस्टेस, एक अंकल-आंटी और सब कुछ जल रहा था।

पीएम मोदी ने जाना हालचाल

रमेश कुमार अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। PM मोदी ने शुक्रवार को उनसे मुलाकात की और हालचाल जाना। दोनों के बीच करीब 10 मिनट बातचीत हुई। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अहमदाबाद हादसे को लेकर वहां पहुंचे हैं। इसके बाद रमेश ने DD न्यूज से बातचीत में कहा, PM ने उनका हालचाल जाना और पूछा कि हादसा कैसे हुआ। रमेश प्लेन की 11A सीट पर बैठे थे। हादसे के बाद वे घटनास्थल से खुद पैदल चलकर बाहर निकले।

You may also like