बैठक का उद्देश्य
रायपुर | जिले में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू किए जाने के पश्चात, डी.सी.पी. सेंट्रल (पुलिस उपायुक्त, मध्य जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता ने ए.सी.पी. कोतवाली कार्यालय में समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध नियंत्रण सुनिश्चित करना और जनहित में संवेदनशील एवं अनुशासित पुलिसिंग को सुदृढ़ करना था।
मुख्य निर्देश
बैठक में डी.सी.पी. सेंट्रल ने आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने, विजिबल पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, बैंकों एवं एटीएम की नियमित चेकिंग करने और रात्रि गश्त को सघन एवं प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, असामाजिक तत्वों, गुंडा-बदमाशों और आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखने, चाकूबाजी, नशे एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही करने पर जोर दिया गया।
सुरक्षा और गश्त
शराब भट्ठियों, अहातों, होटल, लॉज, ढाबा और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया। साथ ही, बाल अपराध, महिला अपराध, गंभीर अपराध और साइबर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया गया।
सजगता और जवाबदेही
बैठक में सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे माननीय पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के आदेशों का अक्षरशः पालन करें और मध्य जोन क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूरी सजगता और सक्रियता से कार्य करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
