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PM मोदी के उद्घाटन से पहले पचपदरा रिफाइनरी में लगी भयंकर आग, प्रधानमंत्री का दौरा स्थगित

पेट्रोकेमिकल सप्लाई चेन में स्थिति और अधिक मजबूत होगी

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime News@दिल्ली.Massive Fire Breaks Out at Pachpadra Refinery Ahead of PM Modi’s Inauguration  देश की पहली बीएस 6 मानक वाली एचपीसीएल (HPCL) राजस्थान रिफाइनरी में उद्घाटन से एक दिन पहले ही भयंकर आग लग गई। राजस्थान की बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी का मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी उद्घाटन करने वाले थे। इससे पहले ही सोमवार दोपहर 2 बजे रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में आग लगी। धुएं का गुबार उठने पर कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम चालू कर दिया। आग के बाद पीएम का दौरा स्थगित हो गया।

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PM मोदी के उद्घाटन से पहले पचपदरा रिफाइनरी में लगी भयंकर आग, प्रधानमंत्री का दौर स्थगित

पूरे क्षेत्र को कराया गया खाली

आग लगने के बाद सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया गया था। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इधर आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। करीब दो घंटे तक आग की लपटें उठती रहीं। आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। इस दौरान करीब 10 से 12 फायर ब्रिगेड से एक साथ पानी की बौछार की गई।

सतर्कता बढ़ा दी

अधिकारियों ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद ही नुकसान और इसके कारणों का आकलन किया जा सकेगा। घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में पाइप लाइन से आने वाला कच्चा तेल इसी यूनिट में आता है। इस यूनिट में क्रूड ऑयल रिफाइन होकर अलग-अलग यूनिट में भेजा जाता है।

पेट्रोकेमिकल सप्लाई चेन में स्थिति और अधिक मजबूत होगी

इस परियोजना ने पूरे पश्चिमी राजस्थान के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को एक नई दिशा और रफ्तार दी है। खासकर सड़क नेटवर्क, रेल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है, जिससे भारी औद्योगिक मूवमेंट को सपोर्ट मिल रहा है। लॉन्ग टर्म में देखें तो जब पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन पूरी क्षमता पर पहुंचेगा, तो यहां से तैयार उत्पादों के लिए निर्यात की बड़ी संभावनाएं खुलेंगी। भौगोलिक स्थिति और पोर्ट कनेक्टिविटी को देखते हुए यह क्षेत्र भविष्य में वैश्विक मार्केट के लिए एक मजबूत एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित हो सकता है। इससे भारत की ग्लोबल एनर्जी और पेट्रोकेमिकल सप्लाई चेन में स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

 

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