जनहित में जिला प्रशासन का बड़ा फैसला
दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले चालकों एवं सवारों को पेट्रोल एवं अन्य उपयोगी ईंधन देने पर रोक लगा दी है।
मेडिकल इमरजेंसी और पगड़ीधारी को छूट
जिला दण्डाधिकारी के आदेश के अनुसार आकस्मिक मेडिकल इमरजेंसी एवं धार्मिक पगड़ी पहनने वाले व्यक्तियों को इस आदेश से छूट दी गई है। शेष सभी दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं मिलेगा।
पेट्रोल पंपों में अनिवार्य होंगे बोर्ड
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने परिसर में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” के बोर्ड अथवा पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य आमजन को नियमों के प्रति जागरूक करना और व्यवहारिक स्तर पर पालन सुनिश्चित करना है।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत विधि अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश एक पक्षीय रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। यह आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
दुर्घटनाओं में कमी लाने की पहल
ज्ञात हो कि दुर्ग जिले में लगातार जन जागरूकता अभियान और यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रवर्तन कार्रवाई के बावजूद दोपहिया वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कठोर लेकिन आवश्यक निर्णय लिया है, जिससे जन-धन की हानि को नियंत्रित किया जा सके।
