दुर्ग | राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा जिलेभर में व्यापक स्तर पर सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
अभियान के तहत यातायात पुलिस की टीमें शासकीय कार्यालयों, बैंक परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों एवं विभिन्न सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक कर रही हैं। वहीं जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों से संबंधित बैनर, पोस्टर और जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई है।
ड्रिंक एंड ड्राइव व रैश ड्राइविंग पर विशेष फोकस
बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से नागरिकों को ड्रिंक एंड ड्राइव से बचने, रैश ड्राइविंग न करने, मोबाइल फोन का प्रयोग वाहन चलाते समय न करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए जा रहे हैं। साथ ही मालवाहक वाहनों में सुरक्षित यात्रा, दोपहिया वाहन चालकों एवं पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट का अनिवार्य उपयोग, तथा चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट लगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रचनात्मक और प्रेरक पहल
यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़ी कविताओं, स्लोगनों और संदेशात्मक पोस्टरों के माध्यम से नागरिकों को सरल, प्रभावी और रचनात्मक तरीके से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल नागरिकों में न केवल अपनी सुरक्षा बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के प्रति भी संवेदनशीलता बढ़ा रही है।
दुर्घटनाओं के आंकड़े कर रहे सतर्क
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के अनुसार, कुल दुर्घटनाओं में लगभग 78.7 प्रतिशत हादसे चालकों की त्रुटियों के कारण होते हैं। इन त्रुटियों में शराब या मादक पदार्थ का सेवन, मोबाइल का उपयोग, अधिक सवारी, गति सीमा का उल्लंघन और थकान की अवस्था में वाहन चलाना प्रमुख कारण हैं। नागरिकों को इन खतरों से सचेत करने और जिले में सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय कदम साबित हो रहा है।
