रायगढ़. Police द्वारा गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” का बड़ा असर सामने आया है। लंबे समय से फरार कुख्यात तस्कर रब्बुल खान ने पुलिस दबाव के चलते सरेंडर कर दिया, जिसके बाद लैलूंगा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पहले भी सामने आ चुका था नाम
पुलिस के अनुसार, रब्बुल खान गौवंश तस्करी के मामलों में पहले से शामिल रहा है। वर्ष 2023 और 2026 में उसके खिलाफ कई अपराध दर्ज हैं। फरवरी 2026 में लैलूंगा पुलिस ने उसके साथी देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से ही रब्बुल खान फरार चल रहा था।
कानून का शिकंजा और कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस ने Chhattisgarh Agricultural Cattle Preservation Act 1960 और Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 के तहत कार्रवाई की। झगरपुर मार्ग पर की गई घेराबंदी में पहले आरोपी के साथी को पकड़ा गया था और उसी कड़ी में अब मुख्य आरोपी भी पुलिस गिरफ्त में है।
‘ऑपरेशन तलाश’ और ‘शंखनाद’ की संयुक्त सफलता
लगातार पतासाजी, दबिश और “ऑपरेशन तलाश” के तहत की गई कार्रवाई से आरोपी के सभी ठिकाने खत्म हो गए। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते आखिरकार उसे सरेंडर करना पड़ा। इसे पुलिस अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
अपराध छोड़ने की जताई इच्छा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने गौ तस्करी छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। पुलिस के अनुसार, यह न सिर्फ कानूनी बल्कि नैतिक रूप से भी अभियान की बड़ी उपलब्धि है।
एसएसपी का सख्त संदेश
Shashi Mohan Singh ने स्पष्ट कहा कि
“ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करों के लिए अब सिर्फ दो रास्ते हैं—सरेंडर या कानून की गिरफ्त। अपराध छोड़ने वालों को मौका दिया जाएगा, लेकिन तस्करी करने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”
