CG Prime News@रायपुर.High-tech cheating in GATE exam in Raipur रायपुर में हरियाणा के तीन छात्र गेट परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए हैं। तीन छात्र बीटेक के स्टूडेंट हैं। तीनों सरोना स्थित निजी कॉलेज में 14 फरवरी को आयोजित परीक्षा में पहुंचे थे। तीनों युवकों ने अपने जूते में ब्लूटूथ डिवाइस छुपाया था। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने तीनों छात्रों को परीक्षा केंद्र के अधीक्षक की शिकायत पर गिरफ्तार कर लिया है।
वॉथरूम जाकर डिवाइस कान में लगाया
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि तीनों छात्रों के ब्लूटूथ डिवाइस बाहर बैठे अन्य 3 युवकों से कनेक्ट थे। ये आरोपी भी हरियाणा से आए थे। इस परीक्षा में जूते पहनकर जाने की अनुमति होती है, इसलिए जूते की चेकिंग नहीं हुई। एग्जाम सेंटर पहुंचने के बाद स्टूडेट्स ने वॉशरूम जाकर डिवाइस कान में लगाया और एक्टिवेट कर लिया। इधर से दबी आवाज में सवाल बताने लगे और बाहर बैठे सॉल्वर जवाब दे रहे थे।
2-2 लाख में डील हुई थी
तीनों छात्रों की गतिविधि को देखकर परीक्षा केंद्र प्रभारी को बार-बार शक हो रहा था। अंत में उन्होंने इसकी सूचना सीधे थाने में दी। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत केंद्र पहुंच गए। जहां तीनों छात्रों की चेकिंग की और ब्लूटूथ डिवाइस बरामद किया। पूछताछ में पता चला है कि स्टूडेट्स से 2-2 लाख में डील हुई थी। जिसके बाद वे नकल की पूरी तैयारी के साथ छत्तीसगढ़ पहुंचे थे।
तीनों ने नकल कराने वाले गैंग की मदद ली थी
हरियाणा के रहने वाले दर्शन सहवाग, लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की और अमर तीनों बीटेक पास कर चुके हैं और एमटेक के लिए GATE परीक्षा दे रहे थे। इनमें दर्शन और अमर जॉब भी कर रहे हैं। तीनों को रायपुर के सरोना स्थित निजी कॉलेज में सेंटर मिला था। परीक्षा पास कराने के लिए तीनों ने नकल कराने वाले गैंग की मदद ली थी। हरियाणा के ही रहने वाले यू-ट्यूबर नरेंद्र कुमार, इंजीनियर सुमित सहवाग और अमर से 2 लाख में डील हुई। नकल की पूरी प्लानिंग हरियाणा में ही हो गई थी। तीनों स्टूडेंट से 6 लाख लेने के बाद वे सब रायपुर पहुंचे थे।
CCTV में दिखा संदिग्ध मूवमेंट
सेंटर में मौजूद केंद्र प्रभारियों को सीसीटीवी कैमरे में आरोपियों की हरकत पर संदेह हुआ, तो उन्हें बिना डिस्टर्ब किए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों की तलाश की और तकनीकी जांच के आधार पर सभी 6 युवकों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, नकल कराने वाले युवकों से पूछताछ के बाद पूरे सिंडिकेट तक पहुंचा जा सकता है।
