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दुर्ग में हीटवेव अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी की आशंका, स्वास्थ्य विभाग ने बताए लू के लक्षण और बचाव के उपाय

by cgprimenews.com
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दुर्ग में भीषण गर्मी और हीटवेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी

दुर्ग। जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान में लगातार वृद्धि के कारण आने वाले महीनों में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) चलने की संभावना जताई जा रही है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, आईडीएसपी के नोडल अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट श्रीमती रितीका सोनवानी ने लू से बचाव के लिए जरूरी जानकारी और सावधानियां साझा की हैं।

लू और गर्मी से होने वाली बीमारी के प्रमुख लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज गर्मी और लू के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में बेहोशी, मांसपेशियों में जकड़न, मिर्गी या दौरा पड़ना, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी या चक्कर आना तथा सांस और दिल की धड़कन का तेज होना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है।

लू से बचाव के लिए क्या करें

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें और नियमित रूप से पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस का सेवन करें तथा नींबू पानी, छाछ, लस्सी जैसे घरेलू पेय पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इसके अलावा तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, ककड़ी और सलाद जैसे पानी से भरपूर मौसमी फल और सब्जियां खाने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने के साथ-साथ धूप में निकलते समय सिर को टोपी, छाता या गमछे से ढकने की भी सलाह दी गई है।

क्या न करें

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। इस दौरान भारी शारीरिक श्रम या थका देने वाली गतिविधियों से दूर रहें। अत्यधिक गर्मी के समय खाना पकाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारी

लू से प्रभावित लोगों को समय पर उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था कर दी है। मितानिन और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों तक जागरूकता और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी पहुंचाई जा रही है। साथ ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकाय और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

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