CG Prime News@दिल्ली. In Kanpur a father murdered his 11-year-old twin daughters कानपुर में दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां के पिता ने रविवार तड़के अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों की हत्या कर दी। पिता ने कमरे में बेटियों का गला रेत दिया। फिर लाश के पास ही बैठा रहा। खुद पुलिस को कॉल किया। बोला- मैंने अपनी बच्चियों को मार डाला है। आप लोग आ जाइए।
पत्नी बोली-आज की फांसी दे दो
आरोपी पिता शशि रंजन दवा सप्लाई करने का काम करता है। वह नौबस्ता थाने के किदवई नगर में त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में पत्नी रेशमा छेत्री, तीन बच्चों रिद्धी, सिद्धी और 6 साल के बेटे गन्नू के साथ रहता था। बेटियों की हत्या के बाद बदहवास रेशमा ने रोते हुए पुलिस से कहा- पति को आज ही फांसी दे दी जाए।
पत्नी को नहीं पता था पति ने क्या किया
आरोपी की सूचना पर पुलिस जब उसके घर पहुंची तो दरवाजा बंद था। पुलिस ने घंटी बजाई तो पत्नी ने दरवाजा खोला। पुलिस देखकर पत्नी घबरा गई। पूछा- क्या हो गया? तब पुलिस ने पति के कॉल वाली बात बताई। पत्नी भागते हुए पति के कमरे में पहुंची तो देखा बच्चियों के खून से लथपथ शव फर्श पर पड़े थे। पिता शशि रंजन मिश्रा लाशों के बगल में बैठा था। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
पत्नी के चरित्र पर शक था
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति को पत्नी के चरित्र पर शक था। इसीलिए वह पल-पल निगरानी रखता था। घर के बेडरूम तक में उसने सीसीटीवी लगवा रखे थे। पति सोचता था कि उसकी मौत के बाद बेटियों का क्या होगा? इसलिए दोनों बेटियों की हत्या करके उसने सुसाइड करने का प्लान किया। हालांकि, बेटियों की हत्या करने के बाद वह सुसाइड करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ हत्या की FIR
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पत्नी रेशमा की शिकायत पर शशि रंजन मिश्रा के खिलाफ नौबस्ता थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। हत्या के पीछे मानसिक तनाव, डिप्रेशन और आर्थिक तंगी समेत कई वजह सामने आई हैं। हत्यारोपी ने पत्नी पर सीधे तौर पर कोई भी आरोप नहीं लगाया है। जबकि, पत्नी का कहना था कि पति उस पर संदेह करता है। इस वजह से घर में बाहर से लेकर भीतर, यहां तक कि बेडरूम और किचन तक में कैमरे लगवा रखे थे।
पिता ने बताया, कैसे जुड़वां बेटियों को मारा
जुड़वां बेटियों की हत्या करने वाले शशि रंजन मिश्रा ने बताया- मैं अपनी दोनों बेटियों को बहुत प्यार करता था। मुझे लगता था कि मेरे मरने के बाद बेटियों का क्या होगा? वो कैसे सर्वाइव करेंगी? इसी बात को लेकर मैं परेशान था। मैंने एमआर की नौकरी छोड़ने के बाद खुद से अलग-अलग कंपनियों की दवा मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में सप्लाई करता था। लेकिन, मेरा कामकाज भी बहुत अच्छा नहीं चल रहा था। इसके चलते मैं तनाव में रहता था। इसी के चलते मैं नशे और नींद की गोलियां खाने का आदी हो गया था।
18 अप्रैल को मैंने बेटियों की हत्या करके खुद सुसाइड करने का प्लान बनाया। लेकिन, बेटियों की हत्या करने के बाद बहुत घबरा गया और सुसाइड नहीं कर सका। बेटियों को किस तरह से मारा? इस सवाल पर शशि रंजन ने बताया कि एक दिन पहले मैं काकादेव से 500 रुपए का चापड़ खरीदकर लाया था।
दोनों बेटियां मेरे साथ ही कमरे में साेती थीं। पहले मैंने उनके खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। फिर रोज की तरह उन्हें कमरे में जमीन पर बिछे बिस्तर पर सुला दिया। खाना खाने के बाद दोनों बेटियां अचेत हो गई। इसके बाद मैंने दोनों का गला घोंटा, फिर चापड़ से गर्दन रेत दी। खुद सुसाइड करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद तड़के 4:20 बजे डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। फिर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
