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धान बिक्री के लिए किसानों को अतिरिक्त मौका, अब 25 नवंबर तक पंजीयन और रकबा संशोधन

हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करके ले सकते हैं मदद

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दुर्ग. Additional opportunity for farmers to sell paddy in chhattisgarh राज्य शासन ने किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी के लिए नवीन पंजीयन तथा रकबा संशोधन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब किसान 25 नवंबर 2025 तक अपने तहसील कार्यालय में जाकर आसानी से नवीन पंजीकरण एवं रकबा संशोधन करवा सकेंगे। जो किसान किसी कारण से निर्धारित समयसीमा में पंजीयन नहीं करा पाए थे। अतिरिक्त समय मिलने से अधिक से अधिक किसान आगामी धान खरीदी प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकेंगे।

हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करके ले सकते हैं मदद

किसानों की सहायता के लिए शासन ने टोल-फ्री हेल्पलाइन भी जारी की हैं। एग्रीस्टेक हेल्पडेस्क 1800-233-1030, खाद्य विभाग हेल्पलाइन 1800-233-3663 है। किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, समयसीमा बढ़ाकर उन्हें अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे बढ़ाई गई अवधि का लाभ उठाते हुए समय पर पंजीयन एवं रकबा संशोधन अवश्य कराएं।

बीज निगम का निरीक्षण

छ.ग. राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था रायपुर के प्रबंधक संचालक राजेश राठौर ने बुधवार को बीज प्रक्रिया केन्द्र रुआबांधा जिला-दुर्ग का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ वर्ष 2025 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों द्वारा जिले में चलाए गए बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत उत्पादित बीज का शत् प्रतिशत उपार्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ताकि शासन की मंशा के अनुरूप उत्पादन अनुदान की राशि का सदुपयोग हो सके।

ग्रेडिंग प्रारंभ करें

प्रबंधक संचालक राठौर ने कहा प्रक्रिया केन्द्र की सभी ग्रेडर मशीन का तत्काल संधारण कर समय पर ग्रेडिंग प्रारंभ करें ताकि कृषकों को धान खरीदी अवधि में ही अंडरसाइज वापस किया जा सके। रबी में बीज उत्पादन कार्यक्रम के समय कृषकों को एग्रीस्टेक आईडी अनिवार्य दस्तावेज के रूप में प्राप्त करें। उन्होंने कहा, यह ध्यान रखें कि दलहन का 10 वर्ष से अवधि कम अब्धि और तिलहन का 5 वर्ष से कम की अवधि वाले किस्मों को बढ़ावा दिया जाए।

80 किस्मों का नई किस्मों में प्रतिस्थापन

रबी में लगभग 80 किस्मों का नई किस्मों में प्रतिस्थापन सुनिश्चित हो। बीज विक्रय उत्पादन कार्यक्रम में साथी पोर्टल के पार्ट-2 का उपयोग किया जाए। इस अवसर पर गोपिका गबेल, संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग संभाग द्वारा प्रक्रिया केन्द्र में विधिवत पूजा अर्चना कर धान के उपार्जन का शुभारंभ किया गया। संदीप भोई उप संचालक कृषि दुर्ग द्वारा निर्देशित किया गया कि किसी भी स्थिति में निर्धारित नमी से अधिक नमी वाले बीज का उपार्जन न हो क्योंकि ऐसी स्थिति में भविष्य में गोदामों में उपलब्ध अन्य बीज में भी कीट व्याधि की समस्या आएगी।

जैसे-जैसे नमी प्रतिशत में कम होता जाएगा। उपार्जित कच्चे बीज के वजन में भी कमी आने से अनावश्यक विवाद की स्थिति निर्मित होगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गोदामों का निरीक्षण किया गया तथा निर्देश दिया गया कि ग्रेडर मशीन की व्यवस्था दुरूस्त रखें ताकि किसानों को ग्रेडिंग के समय कोई दिक्कत न हो। सही समय पर बीजों का विश्लेषण परिणाम प्राप्त किया जाकर पैकिंग व्यवस्था समय पर होने से जिले के कृषकों को आसानी से बोनी पूर्व बीज उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इस दौरान एसके बेहरा बीज प्रबंधक, रामेश्वरी नेताम उप बीज प्रमाणीकरण अधिकारी एवं बीज निगम के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें।

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