CG Prime News@भिलाई. Chhattisgarh Coal Levy Case MLA Devendra Yadav छत्तीसगढ़ के चर्चित करीब 540 करोड़ रुपए के कथित कोल लेवी मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के मुताबिक उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे रायपुर की विशेष अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। EOW की ओर से मामले की जांच पूरी कर अभियोग पत्र पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सितंबर में EOW कार्यालय में हुई थी पूछताछ
देवेंद्र यादव से सितंबर के अंतिम सप्ताह में रायपुर स्थित EOW कार्यालय में दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ का एक आधार कोल लेवी प्रकरण से जुड़े मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जांच के दौरान सामने आई डायरी और अन्य दस्तावेज हैं। इनमें कथित वित्तीय लेन-देन का विवरण मिलने की बात कही गई है। यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
2020 में बदली थी कोयला परिवहन की व्यवस्था
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामले की शुरुआत 15 जुलाई 2020 को कोयला परिवहन की ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था में बदलाव के बाद हुई। आरोप है कि ऑनलाइन प्रक्रिया की जगह मैन्युअल अनुमति व्यवस्था लागू होने के बाद कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से प्रति टन अतिरिक्त रकम वसूलने का तंत्र तैयार हुआ। जांच में आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच इस माध्यम से करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली हुई। रायगढ़, कोरबा और सूरजपुर जैसे कोयला उत्पादक जिलों में इस व्यवस्था के संचालित होने की बात जांच एजेंसियों की ओर से कही गई है।

सूर्यकांत तिवारी की डायरी में नाम आने का दावा
जांच एजेंसी के अनुसार सूर्यकांत तिवारी से संबंधित जांच के दौरान डायरी और दूसरे दस्तावेज मिले थे। इनमें कथित तौर पर रकम के लेन-देन का उल्लेख था। इसी जांच के दौरान देवेंद्र यादव का नाम सामने आने के बाद उनसे पूछताछ की गई। एजेंसी अब कथित लेन-देन, डायरी में दर्ज रकम और संबंधित लोगों के बीच संबंधों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में भी करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली का उल्लेख किया गया था।
जनवरी 2024 में EOW ने दर्ज किया था मामला
कोल लेवी प्रकरण में EOW ने जनवरी 2024 में अपराध दर्ज किया था। बाद की जांच में अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक लोगों समेत कई नाम सामने आए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, EOW/ACB के नोटिस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ IPC की विभिन्न धाराओं में दर्ज अपराध का भी उल्लेख है। अब 5 अक्टूबर की विशेष अदालत में होने वाली पेशी के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

