दुर्ग। जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और लो-वोल्टेज की समस्या से स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार एवं विद्युत विभाग ने बड़े स्तर पर अधोसंरचना विस्तार की योजना तैयार की है। इसके तहत जिले में लगभग 385.39 करोड़ रुपये की लागत से 08 नए विद्युत सबस्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना से शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।
220 केवी के उच्च क्षमता सबस्टेशन
विद्युत क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से अहिवारा, कुम्हारी और लिटिया क्षेत्रों में 220 केवी के उच्चदाब सबस्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। अहिवारा में 86.11 करोड़, कुम्हारी में 86.70 करोड़ और लिटिया में 61.54 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन सबस्टेशनों से औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ आसपास के दर्जनों गांवों को लाभ मिलेगा।
132/33 केवी सबस्टेशनों का निर्माण
जामगांव (आर.) में 45.40 करोड़, अंडा में 54.42 करोड़ और आईआईटी जेवरा सिरसा में 44.98 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी सबस्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। आईआईटी जेवरा सिरसा सबस्टेशन से शैक्षणिक परिसर और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी, जिससे शिक्षा और शोध कार्यों को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों पर भी फोकस
ग्रामीण बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए ग्राम माटरा में 2.95 करोड़ और ग्रीन वैली भिलाई में 3.29 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर योजना
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर दुर्ग जिला प्रदेश के सबसे मजबूत विद्युत ग्रिड वाले जिलों में शामिल होगा। यह अधोसंरचना आने वाले 10 से 15 वर्षों की बिजली मांग को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।