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दुर्ग पुलिस ने NDPS और ई-साक्ष्य विवेचना पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया

जिले के 60 अधिकारियों को दिया गया कानूनी और तकनीकी प्रशिक्षण

by cgprimenews.com
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दुर्ग पुलिस के अधिकारी NDPS और ई-साक्ष्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

दुर्ग | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग, विजय अग्रवाल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में आज दधीचि प्रशिक्षण हॉल, पुरानी पुलिस लाइन, दुर्ग में जिले के विवेचकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य NDPS एक्ट और ई-साक्ष्य (Electronic Evidence) से संबंधित विवेचना में होने वाली लिपिकीय, प्रक्रियात्मक एवं तकनीकी त्रुटियों को न्यूनतम करना था।

60 अधिकारियों ने लिया भाग

जिले के विभिन्न थानों से लगभग 60 पुलिस अधिकारी एवं विवेचक इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपराधियों को किसी भी प्रकार की कानूनी खामी का लाभ न लेने दिया जाए। प्रशिक्षण के माध्यम से विवेचकों की न्यायालय में अभियोजन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु

  • NDPS एक्ट: धारा 42, 50, 52-A, 55 एवं 57 का कड़ाई से पालन; मादक पदार्थ प्रकरणों में प्रक्रिया की शुद्धता; धारा 29 के अंतर्गत सहयोगी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई।

  • साक्ष्य प्रबंधन और FSL प्रक्रिया: जब्त सैंपल शीघ्र FSL भेजना; Chain of Custody को सुरक्षित रखना।

  • दस्तावेजीकरण और विवेचना गुणवत्ता: स्पष्ट एवं त्रुटिरहित पंचनामा तैयार करना; ओवरराइटिंग से बचाव; मर्ग जांच समयबद्ध एवं विधिसम्मत।

  • ई-साक्ष्य (Electronic Evidence): डिजिटल साक्ष्यों का संग्रहण, संरक्षण और प्रस्तुतीकरण; डिजिटल एविडेंस की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना।

पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक का उपयोग

अधिकारियों को यह भी बताया गया कि विवेचना की गुणवत्ता न्यायालय में सशक्त अभियोजन की आधारशिला है। दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आधुनिक, तकनीकी और त्रुटिरहित पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया मजबूत होगी और जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग, विजय अग्रवाल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में आज दधीचि प्रशिक्षण हॉल, पुरानी पुलिस लाइन, दुर्ग में जिले के विवेचकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य NDPS एक्ट और ई-साक्ष्य (Electronic Evidence) से संबंधित विवेचना में होने वाली लिपिकीय, प्रक्रियात्मक एवं तकनीकी त्रुटियों को न्यूनतम करना था।

60 अधिकारियों ने लिया भाग

जिले के विभिन्न थानों से लगभग 60 पुलिस अधिकारी एवं विवेचक इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपराधियों को किसी भी प्रकार की कानूनी खामी का लाभ न लेने दिया जाए। प्रशिक्षण के माध्यम से विवेचकों की न्यायालय में अभियोजन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु

  • NDPS एक्ट: धारा 42, 50, 52-A, 55 एवं 57 का कड़ाई से पालन; मादक पदार्थ प्रकरणों में प्रक्रिया की शुद्धता; धारा 29 के अंतर्गत सहयोगी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई।

  • साक्ष्य प्रबंधन और FSL प्रक्रिया: जब्त सैंपल शीघ्र FSL भेजना; Chain of Custody को सुरक्षित रखना।

  • दस्तावेजीकरण और विवेचना गुणवत्ता: स्पष्ट एवं त्रुटिरहित पंचनामा तैयार करना; ओवरराइटिंग से बचाव; मर्ग जांच समयबद्ध एवं विधिसम्मत।

  • ई-साक्ष्य (Electronic Evidence): डिजिटल साक्ष्यों का संग्रहण, संरक्षण और प्रस्तुतीकरण; डिजिटल एविडेंस की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना।

पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक का उपयोग

अधिकारियों को यह भी बताया गया कि विवेचना की गुणवत्ता न्यायालय में सशक्त अभियोजन की आधारशिला है। दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आधुनिक, तकनीकी और त्रुटिरहित पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया मजबूत होगी और जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा।

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