रायपुर .नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट की अवैध बिक्री और सप्लाई में लिप्त एक संगठित मेडिकल दवा सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 04 मेडिकल स्टोर संचालकों और 01 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सहित कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 17,808 नग नशीली टेबलेट (अल्प्राजोलम व स्पासमों) बरामद की गई हैं।
1 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक टाटा सफारी वाहन (CG 04 Q 0513) और 05 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब 01 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपियों के विरुद्ध थाना पुरानी बस्ती में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) व 29 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
बदलती तस्करी, बदली पुलिस रणनीति
आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन निश्चय के दबाव में तस्करों ने नए पैटर्न अपनाने शुरू कर दिए थे। पुलिस द्वारा इंटेलिजेंस आधारित माइक्रो-लेवल सर्विलांस के जरिए पूरे सप्लाई चैन को ट्रेस कर यह कार्रवाई की गई।
कोरियर व बस से हो रही थी अंतर्राज्यीय तस्करी
जांच में सामने आया कि नशीली टेबलेट जबलपुर से कोरियर व बस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से रायपुर लाई जा रही थीं, जिन्हें शहर के अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में खपाया जा रहा था। पुलिस अब कोरियर कंपनियों और बस संचालकों की भूमिका की भी जांच कर वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
मेडिकल स्टोर सील, लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया
कार्रवाई के बाद पुरानी बस्ती, टिकरापारा, खमतराई और धरसींवा क्षेत्र के चारों मेडिकल स्टोर्स को सील कर दिया गया है तथा उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नशे के खिलाफ सख्त संदेश
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन निश्चय के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।