CG Prime News@राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला अस्पताल में प्रसव से ठीक पहले एक महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के पति ने मंगलवार को कलेक्टर और एसपी से शिकायत कर पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है।
30 अगस्त को प्रसव के लिए भर्ती हुई थी महिला
जानकारी के मुताबिक, खैरागढ़ क्षेत्र के लालपुर निवासी 27 वर्षीय माधुरी सिन्हा को प्रसव के लिए 30 अगस्त को जिला अस्पताल की मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। परिवार के अनुसार, महिला के पहले दो बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था। इस बार भी अस्पताल में सामान्य प्रसव की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी।

राजनांदगांव जिला अस्पताल में डिलीवरी से पहले मां और गर्भस्थ शिशु की मौत, कलेक्टर और SP से शिकायत

ऑपरेशन थिएटर ले जाते समय अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक, 1 सितंबर की शाम करीब 5 बजे माधुरी को ऑपरेशन थिएटर की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे झटका आया। कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई। गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नहीं बचाया जा सका।
परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले महिला को इंजेक्शन दिया गया था। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही ऑपरेशन कराने की बात कही थी, लेकिन सामान्य प्रसव कराने की कोशिश की गई। परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

सास ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
मृतका की सास राही सिन्हा ने आरोप लगाया कि परिवार की ओर से ऑपरेशन कराने की बात कहे जाने के बावजूद डॉक्टरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि महिला के दो अन्य बच्चे हैं और अब उनके सिर से मां का साया उठ गया है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम कराए बिना शव घर ले जाने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पति ने SP-कलेक्टर से की शिकायत
माधुरी के पति अजय सिन्हा ने मंगलवार को कलेक्टर और एसपी को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार ने इलाज के दौरान हुई पूरी प्रक्रिया की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सिविल सर्जन बोले- इलाज में नहीं हुई कोई लापरवाही
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रसाद ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। उन्होंने बताया कि महिला के पहले दो बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था, इसलिए इस बार भी सामान्य डिलीवरी की संभावना को ध्यान में रखकर उपचार किया जा रहा था। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार महिला की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई।
फिलहाल परिवार की शिकायत के बाद मामले में जांच की मांग उठी है। जांच के बाद ही महिला और गर्भस्थ बच्चे की मौत के वास्तविक कारण तथा इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह स्पष्ट हो सकेगा।Alt Text: राजनांदगांव जिला अस्पताल में प्रसव से पहले महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला
