भिलाई |नगर निगम के बजट सत्र के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब आयुक्त के बयान को लेकर सदन में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। मामले ने तूल पकड़ते हुए निंदा प्रस्ताव तक पहुंच गया।
निंदा प्रस्ताव पारित
सदन में राजीव कुमार पांडेय के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस प्रस्ताव पर महापौर नीरज पाल, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा सहित कांग्रेस और विपक्ष के सभी पार्षदों ने हस्ताक्षर किए।
क्या था विवाद का कारण
जानकारी के अनुसार आयुक्त द्वारा सदन में दिए गए बयान—“बुद्धि वाली बात होगी तो ही मैं सदन में बैठूंगा”—को लेकर पार्षदों में नाराजगी बढ़ गई। इस टिप्पणी को सदन की गरिमा के खिलाफ बताते हुए सभी पक्षों ने विरोध दर्ज कराया।
निगम एक्ट के तहत मांग
पार्षदों ने निगम अधिनियम की धारा 54 के तहत आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयुक्त का व्यवहार सदन के अनुरूप नहीं है।
राजनीतिक एकजुटता देखने को मिली
इस पूरे घटनाक्रम में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एकजुट नजर आए। सभी पार्षदों ने मिलकर आयुक्त के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और निंदा प्रस्ताव पारित किया।
आगे क्या
अब इस प्रस्ताव को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। मामले ने स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
