Home » Blog » CG बजट सत्र: विधानसभा में गूंजा 66 बंदियों के कस्टोडियल डेथ का मुद्दा, विपक्ष ने मांगी जानकारी

CG बजट सत्र: विधानसभा में गूंजा 66 बंदियों के कस्टोडियल डेथ का मुद्दा, विपक्ष ने मांगी जानकारी

शून्यकाल में धान खरीदी के मुद्दे पर जमकर बवाल हुआ

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
cg prime news

CG Prime News@रायपुर. Chhattisgarh assembly budget session 2026 छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में कस्टोडियल डेथ (Custodial Death in chhattisgarh ) के मुद्दे पर जमकर बहस हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। जिस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब में बताया कि इस अवधि में 66 बंदियों की मृत्यु हुई है।

cg prime news

CG बजट सत्र: विधानसभा में गूंजा 66 बंदियों के कस्टोडियल डेथ का मुद्दा, विपक्ष ने मांगी जानकारी

भूपेश बघेल बोले-आदिवासी नेता को मारा गया

कस्टोडियल डेथ के मुद्दे पर सदन में गुरुवार को जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक सावित्री मण्डावी ने गिरफ्तारी की संख्या और जेल स्थानांतरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जिस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने 8 लोगों की गिरफ्तारी और परिवार को सूचना दिए जाने की बात कही।

वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मजिस्ट्रेट जांच पर असंतोष जताते हुए विधानसभा समिति से जांच की मांग की। उन्होंने जीवन ठाकुर की मौत को ‘सरकारी हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि एक आदिवासी नेता को तिल-तिल करके मारा गया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।

मृतकों की नामवार सूची मांगी

इससे पहले प्रश्नकाल में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मृतकों की नामवार सूची और विशेष रूप से जीवन ठाकुर के मामले की जानकारी मांगी। जिस पर गृह मंत्री ने कहा कि जीवन ठाकुर का नाम सूची में शामिल है और उनकी तबीयत खराब होने पर इलाज के बाद मृत्यु हुई। वहीं, उन्होंने पंकज साहू का मामला निर्धारित अवधि से बाहर का बताया और जांच प्रक्रिया नियमानुसार होने की बात कही।

विपक्ष के विधायक निलंबित

शून्यकाल में धान खरीदी के मुद्दे पर जमकर बवाल हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पंजीकृत किसानों से धान नहीं खरीदा गया और करोड़ों का भुगतान लंबित है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों के अपने खेत परिसर में प्रवेश पर सवाल उठाए।स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के कारण नहीं हो सकी। इसके बाद विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर नारेबाजी की और सदन की परंपरा के अनुसार वहां गए विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

 

You may also like