CG Prime News@रायपुर. The Central Government has abolished the excise duty on diesel केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र 3 रुपए प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है।
आम नागरिकों का बोझ घटेगा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढऩे देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी।
पीएम मोदी का जताया आभार
मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।
घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है। यूएस-इजराइल के साथ ईरान की जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों को 30 रुपए प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था। घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं।
वित्त मंत्री बोलीं- एक्साइज ड्यूटी कटौती राहत देने वाला कदम
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों से उपभोक्ताओं को बचाना है। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद आम जनता पर इसका बोझ न पड़े।
