अवैध दत्तक ग्रहण से जुड़ा मामला
राजनंदगांव। नाबालिग से जन्मे बच्चे को अवैध रूप से दत्तक ग्रहण कर गलत जानकारी के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत से नगर निगम को गलत जानकारी भेजकर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया। इस मामले में पूर्व में आरोपी दंपत्ति और विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अस्पताल स्टाफ की संलिप्तता उजागर
जांच के दौरान एकत्र साक्ष्यों के आधार पर कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल से जुड़े तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि संबंधित स्टाफ को यह जानकारी थी कि बच्चा आरोपी दंपत्ति का नहीं है और न ही संबंधित अस्पताल में डिलीवरी हुई थी, इसके बावजूद जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में आपराधिक षड्यंत्र के तहत सहयोग किया गया।
RMO के कहने पर किया गया फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार डॉ. विजय राज नागवंशी, जो कृष्ण हॉस्पिटल एवं कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल में आरएमओ के रूप में कार्यरत था, के कहने पर दीपिका यादव, सैमुअल धोके एवं गेशु देवांगन ने नगर निगम में गलत जानकारी प्रेषित कर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में भूमिका निभाई।
पूछताछ में जुर्म स्वीकार
पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में अन्य संलिप्त लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
