Tuesday, February 10, 2026
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बस्तर पंडुम में अमित शाह बोले-IED लगाने वालों को उन्हीं की भाषा में देंगे जवाब

तय सीमा में नक्सलवाद खत्म होगा

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime NEWS@जगदलपुर. Home Minister Amit Shah attended the closing ceremony of Bastar Pandum केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लाल आतंक के खात्मे को लेकर एक बार फिर हुंकार भरी। शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति से है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चेतावनी दी है कि नक्सली हथियार डाले। आईइडी लगाने वालों को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जाएगा।

तय सीमा में नक्सलवाद खत्म होगा

शाह ने जगलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम का समापन समारोह में कहा कि नक्सलवाद का तेजी से सफाया हो रहा है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को कोई आंच नहीं आएगी। लेकिन स्कूल और अस्पताल जलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। तय समय में नक्सलवाद खत्म होगा।

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बस्तर पंडुम में अमित शाह बोले-IED लगाने वालों को उन्हीं की भाषा में देंगे जवाब

बस्तर पंडुम का समापन

अमित शाह ने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि बस्तर को प्रदेश का सबसे विकसित संभाग बनाया जाएगा। इससे पहले स्वागत के दौरान उन्हें कौड़ी की माला और पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई। बस्तर पंडुम के समापन समारोह में संभाग के कई जिलों से आए जनजातीय कलाकार अपनी लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य और वाद्य यंत्रों के माध्यम से बस्तर की पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया। स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का खास आकर्षण रही।

सीएम साय बोले- परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी

CM साय ने कहा की छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में 45 वर्षों से अधिक समय तक नक्सलवाद का प्रभाव रहा। बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से भी बड़ा है। लाल आतंकवाद के कारण यहां के लोगों को लंबे समय तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाईं। लेकिन गृह मंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति और ठोस रणनीति के चलते मात्र दो वर्षों में यहां शांति स्थापित हुई है। आज गृह मंत्री का हमारे बीच होना बस्तर के लिए ऐतिहासिक क्षण है। बस्तर पंडुम, बस्तर की संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। एक समय था जब यह विश्वास करना कठिन था कि बस्तर से नक्सलवाद कभी समाप्त होगा। लेकिन गृह मंत्री के संकल्प और जवानों के साहस से आज बस्तर की स्थिति और परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।

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