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अमित शाह ने रायपुर में NFSU कैंपस का किया शिलान्यास, बोले- यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime News@रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union home minister amit shah) ने रविवार को नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के अस्थायी परिसर और आई-हब रायपुर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। वहीं ग्राम बंजारी में राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (NFSL) के भवनों के निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया।

नवा रायपुर के बंजारी में 40 एकड़ में दोनों राष्ट्रीय संस्थानों के सर्वसुविधायुक्त आधुनिक भवन बनाए जाएंगे। परिसर में दोनों संस्थानों के भवनों के निर्माण के लिए प्रारंभिक रूप से 130-130 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

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अमित शाह ने रायपुर में NFSU कैंपस का किया शिलान्यास, बोले- यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन

बताया ऐतिहासिक दिन

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है। कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस प्रारंभ हो जाएंगे। लगभग 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे।

अपराधों की जांच में होगी सहायक

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा। नई फोरेंसिकटेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी। जिससे जांच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि अब फोरेंसिक जांच के लिए राजधानी दिल्ली की आवश्यकता नहीं होगी। सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी।

आई-हब की स्थापना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोडऩे, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें, स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें। यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है, और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है।

देश की सबसे हाईटेक फोरेंसिक लैब

NFSL देश की सबसे हाइटेक फोरेंसिक लैब है। इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को साइंटिफिक इन्वेस्टीगेशन के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। वहीं एनएफएसयू फोरेंसिक विज्ञान के अध्ययन के लिए देश का शीर्षस्थ संस्थान है। यह फोरेंसिक विज्ञान, खोजी विज्ञान और अपराध विज्ञान में विशेषज्ञता के कोर्सेज संचालित करती है। वर्ष 2020 में इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया है। राज्य में इसकी स्थापना से फोरेंसिक विज्ञान, अपराध विज्ञान, खोजी अनुसंधान और फोरेंसिक मनोविज्ञान जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण सुलभ होगा।

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