CG Prime News @ दुर्ग। ऑनलाइन सट्टा एप ‘रेड्डी अन्ना 108’ के जरिए अवैध सट्टा चलाने वाले 4 आरोपियों को थाना खुर्सीपार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर के एक कमरे में छापा मारकर 2 लैपटॉप, 17 मोबाइल, 15 एटीएम कार्ड और 90,000 रुपये नगद जब्त किए हैं। मामले में बैंक खातों और लेन-देन की जांच जारी है।
पुलिस को कैसे मिली सूचना
7 नवंबर 2026 को खुर्सीपार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रांसपोर्ट नगर में गुरुदयाल सिंह के यार्ड में, टाटा सर्विस सेंटर के पास एक कमरे में कुछ लोग लैपटॉप और मोबाइल से ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। यह भी बताया गया कि अलग-अलग लोगों के बैंक खातों और एटीएम कार्ड से सट्टे की रकम का लेन-देन हो रहा है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, घेराबंदी की और छापा मारा। वहां चार लोग ऑनलाइन सट्टे में लगे मिले। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार किया गया।
ऑनलाइन सट्टा एप कैसे चलता था
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ‘रेड्डी अन्ना 108’ नाम के ऑनलाइन सट्टा एप और पैनल से सट्टा चलाते थे। इसमें अलग-अलग लोगों के बैंक खाते और एटीएम कार्ड से रकम का लेन-देन किया जाता था। पुलिस के मुताबिक खाताधारकों को इसके बदले कमीशन या तय रकम दिए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल सबूतों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाईं
थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 510/2026 दर्ज किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6, 7, 8 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) लगाई गई है। इस कार्रवाई में थाना खुर्सीपार की टीम ने मुखबिर की सूचना की तुरंत जांच कर योजना के साथ घेराबंदी और रेड की।
पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया
- 2 लैपटॉप
- 17 मोबाइल फोन
- 15 एटीएम कार्ड
- 90,000 रुपये नगद
- ‘रेड्डी अन्ना 108’ से जुड़े डिजिटल सबूत और अन्य सामान
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- अमित तिवारी (21 साल), सेक्टर-11, जोन-02, खुर्सीपार, भिलाई
- विकास कुमार साहू (24 साल), मछली मार्केट, जोन-02, खुर्सीपार, भिलाई
- शुभम कुमार पाल (21 साल), सेक्टर-11, जोन-02, खुर्सीपार, भिलाई
- यशमीत सिंह (19 साल), जोन-03, मस्जिद के पास, खुर्सीपार, भिलाई
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से कहा है कि ऑनलाइन सट्टा और अवैध गेमिंग एप के लालच में न आएं। अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड या ओटीपी किसी अनजान को न दें। कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता दूसरों को इस्तेमाल करने देना कानूनी मुसीबत बन सकता है। ऑनलाइन सट्टे या संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने को दें। साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी की जा सकती है।

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