CG Prime News@भिलाई. भिलाई में कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में म्यूल खातों के उपयोग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि सुपेला और खुर्सीपार थाना, एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों से संबंधित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी 5,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों के संबंधित दस्तावेज और सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे।
फेडरल, उत्कर्ष और इंडियन बैंक के खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई
इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के हस्तांतरण एवं लेन-देन के लिए किया गया है। जिनमें लाखों रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन सामने आए। थाना सुपेला क्षेत्र के फेडरल बैंक और उत्कर्ष बैंक से संबंधित 2 धाताधारकों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं खुर्सीपार क्षेत्र के इंडियन बैंक से संबंधित 5 खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 1321/2026 एवं 1324/2026 तथा थाना खुर्सीपार के अपराध क्रमांक 272/2026, धारा 318(2), 318(3) एवं 317(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध दर्ज है।
इन आरोपियों को किया गिरफ्तार

थाना सुपेला क्षेत्र -2 आरोपी
1. शुभम चौधरी, उम्र 22 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, नंदिनी रोड, छावनी, थाना छावनी, जिला दुर्ग।
2. गुरमीत कौर, पता कृपाल नगर, कोहका, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
थाना खुर्सीपार क्षेत्र- 05 आरोपी
3. तरुण नायक, उम्र 40 वर्ष, निवासी क्वार्टर नंबर 4-ए, सड़क नंबर 8, जोन-1, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
4. निखिल नेताम, उम्र 22 वर्ष, निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा, थाना दुर्ग, जिला दुर्ग।
5. यसमीत सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
6. गौरव साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी शंकर नगर, सद्भावना चौक, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
7. नरगिस, पता मछली मार्केट, जोन-2, खुर्सीपार, जिला दुर्ग। उम्र एवं थाना संबंधी विवरण की पुष्टि अपेक्षित।

जब्त सामग्री
1. बैंक पासबुक।
2. एटीएम कार्ड।
3. चेकबुक।
4. सिम कार्ड।
5. मोबाइल फोन।
6. अन्य संबंधित दस्तावेज।
इस टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार एवं एसीसीयू दुर्ग की टीमों की भूमिका रही। बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का संकलन और संबंधित खाताधारकों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
