Sunday, June 7, 2026
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सेना में पदस्थ भाई की जगह दूसरे को खड़ा कर बेच दी जमीन, आरोपी भाई गिरफ्तार

पाटन पुलिस की कार्रवाई: फर्जी प्रतिरूपण और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन बिक्री का मामला

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दुर्ग.durg patan land fraud case accused arrested june2026 दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि के कथित फर्जी विक्रय मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपी पर अपने सगे भाई के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को प्रस्तुत कर भूमि विक्रय करने और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर धोखाधड़ी करने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार ग्राम कुम्हली निवासी शिकायतकर्ता ने थाना पाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बड़े भाई ने संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि को बेचने के लिए अपने उस भाई के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत किया, जो भारतीय सेना में पदस्थ है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान का सहारा लेकर भूमि का विक्रय किया गया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने वर्ष 2023 में अपराध क्रमांक 42/2023 दर्ज करते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की थी।

तकनीकी सूचना के आधार पर गिरफ्तारी

जांच के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान ईश्वर दास (60 वर्ष) निवासी महादेवघाट, रायपुर के रूप में हुई है। आरोपी को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

अवैध आर्थिक लाभ के लिए रची गई साजिश

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि के विक्रय के दौरान वास्तविक सह-स्वामी की जगह दूसरे व्यक्ति को प्रस्तुत कर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया गया। मामले में संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी पुलिस द्वारा संकलित किए गए हैं।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि, मकान या अन्य संपत्ति के क्रय-विक्रय से पहले स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, पहचान पत्र और राजस्व अभिलेखों का सावधानीपूर्वक सत्यापन अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन या फर्जीवाड़े की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

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