Home » Blog » ट्रंप की लोकप्रियता 34% पर, कार्यकाल का सबसे निचला स्तर

ट्रंप की लोकप्रियता 34% पर, कार्यकाल का सबसे निचला स्तर

रॉयटर्स-इप्सोस सर्वे में गिरावट दर्ज, महंगाई और विदेश नीति पर बढ़ी नाराजगी

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
डोनाल्ड ट्रंप भाषण देते हुए, बैकग्राउंड में अमेरिकी झंडा

वॉशिंगटन | Donald Trump की लोकप्रियता में ताजा गिरावट दर्ज की गई है। रॉयटर्स-इप्सोस के हालिया सर्वे के अनुसार, उनकी अप्रूवल रेटिंग घटकर 34 प्रतिशत रह गई है, जो उनके मौजूदा कार्यकाल का अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले अप्रैल के मध्य में यह आंकड़ा 36 प्रतिशत था।

शपथ के बाद लगातार गिरावट

जनवरी 2025 में पद संभालने के समय ट्रंप की लोकप्रियता 47 प्रतिशत थी, लेकिन इसके बाद से यह लगातार घटती रही है। खासतौर पर ईरान के साथ बढ़े तनाव और युद्ध जैसे हालात के बाद उनकी छवि को झटका लगा है।

महंगाई बनी सबसे बड़ी चिंता

सर्वे में महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को लेकर जनता की नाराजगी साफ दिखी। सिर्फ 22 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे महंगाई संभालने के ट्रंप के तरीके से संतुष्ट हैं। पेट्रोल की कीमतें बढ़कर करीब 4.18 डॉलर प्रति गैलन पहुंचने से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

रिपब्लिकन समर्थन बरकरार, पर चिंता भी

हालांकि Republican Party के 78 प्रतिशत समर्थक अब भी ट्रंप के साथ हैं, लेकिन उनमें से 41 प्रतिशत महंगाई को लेकर असंतुष्ट हैं। यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर भी आर्थिक मुद्दों पर चिंता बढ़ रही है।

इंडिपेंडेंट वोटर्स का झुकाव बदला

सर्वे में यह भी सामने आया कि स्वतंत्र मतदाताओं का रुझान अब Democratic Party की ओर बढ़ रहा है। 34 प्रतिशत इंडिपेंडेंट वोटर्स ने डेमोक्रेट्स को पसंद किया, जबकि 20 प्रतिशत ने रिपब्लिकन का समर्थन किया।

विदेश नीति पर भी सवाल

ईरान के साथ तनाव को लेकर भी ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठे हैं। सिर्फ 34 प्रतिशत अमेरिकियों ने इस मुद्दे पर उनकी रणनीति को सही बताया। हालांकि सीज़फायर के बाद हालात कुछ हद तक शांत हुए हैं, लेकिन तेल आपूर्ति और ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

निष्कर्ष

ताजा सर्वे से साफ है कि ट्रंप की लोकप्रियता पर महंगाई, ऊर्जा संकट और विदेश नीति का असर पड़ा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन चुनौतियों से कैसे निपटती है और जनता का भरोसा दोबारा हासिल कर पाती है या नहीं।

You may also like