Home » Blog » पेमेंट गेटवे सट्टा गिरोह का पर्दाफाश

पेमेंट गेटवे सट्टा गिरोह का पर्दाफाश

रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा; रायपुर और गोवा से 7 आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का खुलासा

by cgprimenews.com
0 comments
ऑनलाइन सट्टा और पेमेंट गेटवे गिरोह का खुलासा करते हुए जब्त मोबाइल और लैपटॉप के साथ पुलिस टीम

रायपुर। पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और पेमेंट गेटवे पैनल संचालित करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। गिरोह भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में संचालित सट्टा पैनलों के लिए पेमेंट गेटवे नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने रायपुर और गोवा में संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

तकनीकी निगरानी से खुला नेटवर्क

पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल के निर्देशन में टीम द्वारा लगातार तकनीकी मॉनिटरिंग की जा रही थी। 25 फरवरी 2026 को न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। मौके से प्रतीक कुमार वीधवानी और सैंकी देवड़ा को गिरफ्तार किया गया, जिनके मोबाइल जांच में ऑनलाइन बेटिंग पैनल और पेमेंट गेटवे संचालन का खुलासा हुआ।

गोवा में बना रखा था ऑफिस सेटअप

पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम गोवा पहुंची, जहां आरोपियों ने किराये के मकान में पूरा डिजिटल ऑफिस स्थापित कर रखा था। यहां से ऑनलाइन सट्टा पैनलों के लिए पेमेंट डिपॉजिट और विड्रॉल सिस्टम संचालित किया जा रहा था। आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लेन-देन नियंत्रित करते थे और कमीशन के जरिए अवैध कमाई कर रहे थे।

क्रिप्टो करेंसी से विदेशों में भेजी जा रही थी रकम

जांच में सामने आया कि सट्टे से प्राप्त अवैध रकम को क्रिप्टो करेंसी और USDT के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पैनल संचालकों तक भेजा जा रहा था। अब तक लगभग 46,500 USDT यानी करीब 42 लाख रुपये क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है। गिरोह 431 म्यूल बैंक खातों का उपयोग कर रहा था, जिनकी जांच जारी है।

बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 लैपटॉप, 1 टैब, 58 मोबाइल फोन/आईफोन, 12 एटीएम कार्ड, 3 राउटर, 4 पासबुक, नगदी राशि तथा एक कार समेत लगभग 22.14 लाख रुपये की सामग्री जब्त की है। मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 एवं बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

अनुसार ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की भी पहचान की जा रही है और पुलिस के उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2026 में अब तक साइबर यूनिट द्वारा ऑनलाइन सट्टे के 5 मामलों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2.14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

You may also like