CG Prime News@रायपुर. 120 surrendered Naxalites arrived to watch the chhattisgarh assembly proceedings छत्तीसगढ़ में माओवाद के खात्मे की डेडलाइन में महज कुछ सप्ताह बचे हैं। ज्यादातर माओवादी या तो सरेंडर कर रहे या फिर एनकाउंटर में मारे जा रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार को 120 सरेंडर नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही देखी। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले का मास्टरमांड चैतू भी कार्यवाही देखने पहुंचा था। सदन के बाहर मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों ने सरेंडर नक्सलियों के साथ फोटो भी खिंचवाई। वहीं एक सरेंडर नक्सलियों को डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने डिनर पर भी आमंत्रित किया था।
वित्त मंत्री के जवाब पर हुआ हंगामा
इधर सदन में शुक्रवार को सत्ता पक्ष के विधायकों ने किसानों की ट्रेनिंग में खर्च, परीक्षा में नकल के मुद्दे पर अपने ही सरकार से जवाब मांगा। इसके साथ ही विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी। वित्त मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने हंगामा किया।

छत्तीसगढ़ में 120 सरेंडर नक्सली पहुंचे विधानसभा की कार्यवाही देखने, डिप्टी CM के साथ किया डिनर
विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी, हंगामा हुआ
कांग्रेस विधायकों के सवाल। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब पर हंगामा हुआ।
- विधायक उमेश पटेल- रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों में कितने मामले अवैध फ्लाईऐश डंप के आए और कितने पर कार्रवाई हुई।
- वित्त मंत्री OP चौधरी- आपकी सरकार की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई, हमने ट्रांसपोर्ट्स की धरपकड़ की है।
- पूर्व CM भूपेश बघेल- जिसको आप निरंक बता रहे, उस समय तो आपकी सरकार ने लॉकडाउन लगाया था।
वित्त मंत्री के जवाब पर सदन में हंगामा हुआ। हंगामे के बाद विपक्ष का पहला वॉकआउट।
- विधायक संगीता सिन्हा- 18 करोड़ के काम की स्वीकृति मांगी।
- वित्त मंत्री ओपी- यह विभागीय प्रक्रिया यहां घोषणा करना उचित नहीं।
- भूपेश बघेल- आप विपक्ष का काम नहीं करना चाहते।
सदन में नारेबाजी के बाद विपक्ष का दूसरा वॉकआउट।
फसल उत्पादन और खर्च की जानकारी मांगी
विधायक पुन्नूलाल मोहले ने फसल उत्पादन और खर्च का मामला उठाया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब दिया।
- सवाल- 900 किसानों को प्रदर्शनी और हाईब्रिड का प्रशिक्षण दिया गया, क्या लाभ मिला।
- जवाब- किसान कैसे ज्यादा उत्पाद ले, इसकी ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण से यदि उत्पादन बढ़ता है तो किसानों को आर्थिक लाभ होगा।
- सवाल – प्रदर्शन में कितने किसानों को बीज दिए गए। कौन और कितने अधिकारियों ने किसानों को प्रशिक्षण दिया। किसानों को दिए खाद का मूल्यांकन कौन करता है।
- जवाब – नीचे से चयनित होकर जिन किसानों का नाम आता है, उन्हें प्रशिक्षण और खाद देते हैं। यह सही है कि हम छत्रपति मूल्यांकन नहीं कर पाते हैं, सुझाव आया है तो जमीनी स्तर पर लागू करेंगे।
