अंबिकापुर | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देशन में थाना गांधीनगर एवं साइबर सेल पुलिस टीम ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए आदतन अपराधी सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पहले ही इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों द्वारा सिंडीकेट बनाकर ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर नगदी निकालने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
झांसा देकर कराई रकम ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार प्रार्थी सुजीत मंडल निवासी सकालो ने 16 नवंबर 2025 को थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 1 नवंबर 2025 को अनीश गिरी नामक युवक उसकी दुकान “काली माई च्वाइस सेंटर” पहुंचा और स्वयं को सब्जी विक्रेता बताया। युवक ने खाता सही से संचालित न होने का बहाना बनाकर प्रार्थी के खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर करवाए और बाद में नगद राशि लेकर फरार हो गया। बाद में पता चला कि उक्त रकम साइबर अपराध से जुड़ी थी, जिससे प्रार्थी का बैंक खाता ब्लॉक हो गया और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
सीसीटीवी व तकनीकी साक्ष्य से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी सद्दाम अंसारी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की रकम खातों में मंगाकर निकालता था और मुख्य आरोपी को सौंपता था, जिसके बदले कमीशन मिलता था। पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए अनीस गिरी और वर्षा सिंह पोर्ते को भी गिरफ्तार किया। जांच के दौरान स्वयं को अनीश गिरी बताने वाले आरोपी की पहचान अनूप कुमार चौबे (30 वर्ष), निवासी पलामू झारखंड, हाल निवासी अंबिकापुर के रूप में हुई। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया है।
संगठित गिरोह बनाकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आपराधिक सिंडीकेट बनाकर लोगों को झांसा देते थे और अपराध से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नगदी निकालते थे। आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है। पुलिस ने प्रकरण में अतिरिक्त धाराएं जोड़कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका में संपन्न हुई।
