रायपुर। छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में बन रहे महतारी सदन अब महिला सशक्तीकरण की नई पहचान बनते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रदेश में अब तक 137 महतारी सदन तैयार हो चुके हैं, जहां महिलाएं संगठित होकर आत्मनिर्भरता की नई दिशा तय कर रही हैं।
सुरक्षा, प्रशिक्षण और स्वावलंबन का केंद्र
महतारी सदन केवल भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए सीखने और आगे बढ़ने का मंच हैं। यहां सिलाई, कढ़ाई, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल साक्षरता और लघु उद्यम जैसे प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मविश्वास दोनों बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत
इन केंद्रों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ा जा रहा है। परिणामस्वरूप महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला
राज्य सरकार का मानना है कि सशक्त महिला ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है। आने वाले समय में महतारी सदनों की संख्या और गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।
