भिलाई। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने रायपुर–विशाखापट्टनम (विज़ाग) इकोनॉमिक कॉरिडोर को प्रदेश के व्यापार, उद्योग और समग्र आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी परियोजना बताया।
उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को सीधे समुद्री बंदरगाह से जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है, जिससे माल परिवहन तेज, सस्ता और सुगम होगा। वर्तमान में लंबी दूरी, अधिक समय और ऊँची परिवहन लागत के कारण उद्योगों को अपने उत्पाद बंदरगाह तक पहुँचाने में कठिनाई होती है।
औद्योगिक और आर्थिक लाभ
कॉरिडोर बनने के बाद छत्तीसगढ़ के उत्पाद कम समय और कम लागत में सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँच सकेंगे, जिससे निर्यात में तेजी आएगी और प्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। रायपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र का विशाखापट्टनम जैसे बड़े पोर्ट शहर से सीधा जुड़ाव, स्टील, कोयला, खनिज, सीमेंट और कृषि उत्पादों की मजबूत सप्लाई चेन सुनिश्चित करेगा।
नए निवेश और रोजगार के अवसर
श्री भसीन ने बताया कि कॉरिडोर के आसपास नए उद्योग, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स हब, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और व्यापारिक गतिविधियों का विकास होगा। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि परिवहन लागत घटने से उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
सार्वजनिक जागरूकता अभियान
अजय भसीन ने कहा कि कॉरिडोर का लाभ व्यापारियों तक पहुँचाने के लिए भिलाई चेम्बर की टीम अगले सप्ताह से बाजार-मार्केट जाकर व्यापारियों को जानकारी देगी। उन्होंने इसे केवल परिवहन सुविधा नहीं बल्कि औद्योगिक विकास का आधार बताते हुए प्रदेश को निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में इसकी भूमिका रेखांकित की।
