राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस की संवेदनशील पहल से चार वर्षों से सामाजिक बहिष्कार झेल रहे एक परिवार को पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक शामिल किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन में संपन्न हुई।
अंतरजातीय विवाह बना था विवाद का कारण
मोहारा वार्ड क्रमांक 47 की निवासी आवेदिका ने वरिष्ठ कार्यालय में आवेदन देकर बताया कि 11 अक्टूबर 2021 को उसने अन्य जाति के युवक से विवाह किया था। विवाह के बाद से मोहारा क्षेत्र के कुम्हार समाज द्वारा उसे और उसके ससुराल पक्ष को सामाजिक कार्यक्रमों से अलग कर दिया गया था। परिवार को लगभग चार वर्षों तक सामाजिक गतिविधियों से वंचित रखा गया तथा कथित रूप से अपमानित भी किया जाता रहा।
पुलिस की मध्यस्थता से बनी सहमति
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू ने दोनों पक्षों को थाना बसंतपुर में आमंत्रित कर विस्तृत चर्चा कराई।
समाज के पदाधिकारियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को सामाजिक बहिष्कार के दुष्परिणामों और विधिक पहलुओं की जानकारी दी गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद कुम्हार समाज के प्रतिनिधियों एवं आवेदिका पक्ष के बीच आपसी सहमति बनी कि भविष्य में सभी सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में परस्पर सहयोग और सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ समाधान
लगभग चार वर्षों से चली आ रही सामाजिक समस्या का समाधान थाना परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर किया गया। समाज के प्रतिनिधियों और आवेदिका परिवार ने पुलिस प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना की और आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार के सामाजिक बहिष्कार या भेदभाव को कानूनन स्वीकार नहीं किया जा सकता।
