दुर्ग। राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से जुड़े खातों में फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर लगभग ₹1 करोड़ 19 लाख की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। शिकायत HDFC Life Insurance Company के प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद थाना पाटन में अपराध क्रमांक 74/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
जीवित व्यक्तियों को मृत दिखाकर निकासी
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाते हुए जाली मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी आधार और अन्य केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग कर बीमा दावा प्रस्तुत किया। एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम से मृत्यु दावा लगाया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाया गया।
ऑनलाइन सेवा केंद्र से रची गई साजिश
मुख्य आरोपी राजेश कनोजिया (44), निवासी बोरसी दुर्ग, क्षेत्र में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है। वह एनपीएस निकासी के नाम पर ग्राहकों से आधार, पैन और बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। जांच में समान पते, अमान्य क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए लेन-देन जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
प्रकरण में कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है, जिसने कथित रूप से जाली दस्तावेज अपलोड कर सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार किया।
गिरफ्तारी और जप्ती
पुलिस ने आरोपी राजेश कनोजिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। उसके कब्जे से ₹10,000 नगद और फर्जी दस्तावेजों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जप्त किए गए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बीमा या पेंशन योजनाओं से संबंधित निजी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
