दुर्ग में आयोजित सार्वजनिक जनसुनवाई
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने 17 फरवरी 2026 को सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र मुख्यालय में 2026-27 की टैरिफ याचिकाओं पर जनसुनवाई आयोजित की। इस सुनवाई का उद्देश्य बिजली दरों के निर्धारण से पहले आम जनता, औद्योगिक संगठनों और विभिन्न उपभोक्ताओं के सुझाव और आपत्तियों को सुनना था।
औद्योगिक उपभोक्ताओं ने रखे विशेष सुझाव
भिलाई स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों ने अधिकतम मांग की पेनाल्टी को पिछले वर्षों के समान रखने और क्रॉस सब्सिडी वोल्टेज आधारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने न्यूनतम उपयोग के समय डिमांड चार्जेस को कॉन्ट्रैक्ट डिमांड का 50 प्रतिशत और एडवांस भुगतान पर मिलने वाली छूट यथावत रखने की मांग की।
राइस मिल एसोसिएशन की मांगें
राधोश्याम अग्रवाल ने राइस मिलर्स को कृषि श्रेणी में शामिल करने और जून-जुलाई 2025 तक मिलने वाले कन्सेशनल ईसी को बहाल करने का सुझाव दिया। इसके अलावा ऑफ-सीजन बंद रहने वाले राइस मिलों के लिए डिमांड चार्जेस कम करने की भी सिफारिश की गई।
घरेलू और सोलर उपभोक्ताओं की आपत्तियां
घरेलू उपभोक्ता श्री मेहरबान सिंह ने महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि टैरिफ वृद्धि आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। वहीं, सोलर उपभोक्ता श्री संतोष साहू ने सुझाव दिया कि सोलर रूफटॉप पैनल से उत्पादित यूनिट की गणना वित्तीय वर्ष के बजाय कैलेंडर वर्ष के आधार पर की जाए।
रायपुर कार्यालय में प्रत्यक्ष सुनवाई
19-20 फरवरी 2026 को रायपुर कार्यालय में विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ता अपनी आपत्तियां और सुझाव सीधे प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी और याचिकाओं का विवरण आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध है।
दुर्ग में आयोजित सार्वजनिक जनसुनवाई
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने 17 फरवरी 2026 को सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र मुख्यालय में 2026-27 की टैरिफ याचिकाओं पर जनसुनवाई आयोजित की। इस सुनवाई का उद्देश्य बिजली दरों के निर्धारण से पहले आम जनता, औद्योगिक संगठनों और विभिन्न उपभोक्ताओं के सुझाव और आपत्तियों को सुनना था।
औद्योगिक उपभोक्ताओं ने रखे विशेष सुझाव
भिलाई स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों ने अधिकतम मांग की पेनाल्टी को पिछले वर्षों के समान रखने और क्रॉस सब्सिडी वोल्टेज आधारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने न्यूनतम उपयोग के समय डिमांड चार्जेस को कॉन्ट्रैक्ट डिमांड का 50 प्रतिशत और एडवांस भुगतान पर मिलने वाली छूट यथावत रखने की मांग की।
राइस मिल एसोसिएशन की मांगें
राधोश्याम अग्रवाल ने राइस मिलर्स को कृषि श्रेणी में शामिल करने और जून-जुलाई 2025 तक मिलने वाले कन्सेशनल ईसी को बहाल करने का सुझाव दिया। इसके अलावा ऑफ-सीजन बंद रहने वाले राइस मिलों के लिए डिमांड चार्जेस कम करने की भी सिफारिश की गई।
घरेलू और सोलर उपभोक्ताओं की आपत्तियां
घरेलू उपभोक्ता मेहरबान सिंह ने महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि टैरिफ वृद्धि आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। वहीं, सोलर उपभोक्ता संतोष साहू ने सुझाव दिया कि सोलर रूफटॉप पैनल से उत्पादित यूनिट की गणना वित्तीय वर्ष के बजाय कैलेंडर वर्ष के आधार पर की जाए।
रायपुर कार्यालय में प्रत्यक्ष सुनवाई
19-20 फरवरी 2026 को रायपुर कार्यालय में विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ता अपनी आपत्तियां और सुझाव सीधे प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी और याचिकाओं का विवरण आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध है।
