रायपुर. थाना सिविल लाइन क्षेत्र में 36 लाख 50 हजार रुपये गबन करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि मुख्य आरोपी पीड़ित का करीबी मित्र ही निकला। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में घटना के चंद घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया और पूरी रकम बरामद कर ली गई।
मल्टीलेवल पार्किंग से गायब हुई रकम
प्रार्थी ज्ञानप्रकाश पांडे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 फरवरी 2026 को वह ग्राम पिरदा स्थित जमीन की रजिस्ट्री के लिए 36,50,000 रुपये लेकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग (महतारी चौक) पहुंचे थे। उन्होंने कार की चाबी अपने मित्र नितिन सोनी को देकर रजिस्ट्री कार्यालय चले गए। कुछ देर बाद नितिन ने फोन कर बताया कि कार में रखी नगदी चोरी हो गई है।
संदेह होने पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण में कई विसंगतियां मिलीं।
दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड
कड़ाई से पूछताछ में नितिन सोनी बार-बार बयान बदलता रहा। साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ तेज की गई तो उसने अपने साथी तनवीर आलम के साथ मिलकर रकम गबन करना स्वीकार कर लिया। अत्यधिक कर्ज में डूबे होने के कारण उसने यह साजिश रची थी और साथी को 2 लाख रुपये देने का वादा किया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 36 लाख 50 हजार रुपये जब्त कर लिए। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 94/26 दर्ज किया गया है।
