CG Prime News@दिल्ली. Explosion at a chemical factory in Rajasthan, 8 workers burnt alive राजस्थान के एक केमिकल फैक्ट्री में सोमवार को जोरदार धमाका हुआ। जिसमें 8 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसा भिवाड़ी के केमिकल फैक्ट्री की है। मिली जानकारी के अनसुार घायल मजदूरों को दिल्ली एम्स रेफर किया गया है।

राजस्थान के केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 8 मजदूर जिंदा जले
घटना के वक्त 25 मजदूर कर रहे थे काम
मिली जानकारी के अनुसार हादसा खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। घटना के समय करीब 25 मजदूर फैक्ट्री में काम कर रहे थे। हादसे के बाद मजदूरों के शव बुरी तरह जल गए थे। कई शवों के कंकाल भर बचे थे। बॉडी पाट्र्स के टुकड़े बिखरे मिले। रेस्क्यू टीम ने इन टुकड़ों को पॉलीथीन में इक_ा किया। फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। मौके से बारूद, पटाखे और पैकिंग के डिब्बे मिले हैं।
टपूकड़ा सीएचसी पहुंचीं कलेक्टर अर्तिका शुक्ला
जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला और खैरथल एडीएम शिवपाल जाट भी टपूकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे, जहां पर सभी 7 मजदूरों की डेड बॉडी रखी गई। एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया- फैक्ट्री मालिक का नाम राजेंद्र बताया जा रहा है। उन्होंने किसी तिवारी को फैक्ट्री लीज पर दी थी। दोनों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन नहीं हो पाया। मैनेजर अभिनंदन से बात हुई है।
4 गंभीर रूप से झुलसे, दिल्ली एम्स रेफर
भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे फैक्ट्री में जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। इसमें 8 लोग जिंदा जल गए। गंभीर रूप से झुलसे 4 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इसमें अनूप कुमार, जुन्नू, विवेक और मन्नू शामिल हैं। अनूप और जुन्नु 90 फीसदी तक झुलसे हैं। चारों को दिल्ली एम्स रेफर किया गया है।
समाचार अत्यंत दुःखद-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं। भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में आग लगने से हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद है। जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है।ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- फैक्ट्री के गेट पर ताला रहता था
पास की फैक्ट्री के कर्मचारी सुरेश कुमार ने बताया- अचानक धमाका होते ही आग लग गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड आने के बाद हमें बाहर निकाल दिया। फैक्ट्री लगभग डेढ़-दो महीने से चल रही थी। यहां पटाखे बनते थे, लेकिन अंदर किसी को जाने नहीं दिया जाता था। गेट पर हमेशा ताला लगा रहता था।
