CG Prime News@दुर्ग. CHHATTISGARH State Rural and Other Backward Classes Area Development Authority Meeting in Durg मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग के लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में हुई। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन विकास कार्यों का अनुमोदन एवं प्रावधानित बजट सहित नवीन स्वीकृत कार्यों पर विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की सुझाव पर चर्चा हुई।
दुर्ग में आईटी पार्क के लिए MOU
बैठक में दुर्ग में स्थापित होने जा रहे आईटी पार्क के समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षर हुआ। 40 बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दुर्ग नगर निगम और छत्तीसगढ़ शासन के बीच ऐतिहासिक समझौता संपन्न हुआ। यह आईटी पार्क दुर्ग को तकनीक, नवाचार और डिजिटल विकास के नए मानचित्र पर स्थापित करेगा। इसके माध्यम से दुर्ग के युवाओं को अपने ही शहर में आईटी, सॉफ्टवेयर, स्टार्टअप एवं डिजिटल सेक्टर में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। जिससे दुर्ग विकास और अवसरों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
भविष्य की रणनीतियों पर हुई चर्चा
प्राधिकरण की प्रथम बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए चलाए जा रहे योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की स्थिति के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण बैठक थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए चलाये जा रहे योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना था।

CG OBC प्राधिकरण की बैठक, CM की अध्यक्षता में दुर्ग में IT पार्क स्थापना के लिए हुआ MOU
सीएम ने योजनाओं की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का सही समय पर और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं और कार्यक्रमों का बेहतर संचालन करते हुए सीधे तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र के हित को ध्यान में रखकर सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण करें।
जिलेवार कार्यों की समीक्षा हुई
मुख्यमंत्री ने बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। समीक्षा बैठक में ऐसे विकास कार्य जो अप्रारंभ एवं प्रगतिरत है, ऐसे विकास कार्यों को दो महीने की समय सीमा में पूर्ण करने निर्देशित किया।
क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया जाना है
मुख्यमंत्री ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यक्रम का बेहत्तर संचालन करते हुए क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया जाना है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से चर्चा कर विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
प्राधिकरण के अंतर्गत 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल है। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के कार्य, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के कार्य, शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का कार्य शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अंतर्गत प्रमुख रूप से शिक्षा और छात्रावासों पर जोर दिया गया है।
शिक्षा गुणवत्ता पर हुई चर्चा
बैठक में पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चर्चा हुई। छात्रावासों का उन्नयन, प्रदेश में स्थित ओबीसी छात्रावासों के रख-रखाव और वहां सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। रोजगार और कौशल विकास पर मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि राज्य के पिछड़ा वर्ग के युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनाया जाए। बैठक में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जहाँ ओबीसी आबादी अधिक है, वहां सड़कों, सामुदायिक भवनों और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए फंड आवंटित करने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश दिया कि हमारी सरकार का लक्ष्य Óसबका साथ, सबका विकासÓ है। पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण की भूमिका केवल बजट आवंटित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
यह रहे बैठक में मौजूद
बैठक से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ओबीसी समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरूण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास, शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चन्द्राकर, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण, आईजी, कमिश्नर, 17 जिलों के कलेक्टर और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
