रायपुर | शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और वाहनों की त्वरित पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस द्वारा एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) नंबर प्लेट को लेकर विशेष जांच अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट चल रहे वाहनों की जांच की जाएगी और मौके पर ही फार्म भरवाकर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अपराध रोकने में सहायक होगी HSRP प्लेट
पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। हाल के समय में अपराधियों द्वारा वाहनों में नंबर प्लेट बदलकर या बिना नंबर प्लेट के वाहन उपयोग कर वारदातों को अंजाम देने के मामले सामने आए हैं। इससे अपराधियों की पहचान और वाहनों की पतासाजी में कठिनाई होती है। ऐसे में HSRP नंबर प्लेट को अनिवार्य बनाकर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।
क्या है HSRP नंबर प्लेट की विशेषता
एचएसआरपी एक विशेष प्रकार की एल्यूमिनियम नंबर प्लेट होती है, जिसमें
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यूनिक पहचान संख्या
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क्रोमियम आधारित होलोग्राम
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लेज़र उत्कीर्णन
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नॉन-रिमूवेबल स्नैप लॉक
जैसी उन्नत सुरक्षा विशेषताएं होती हैं। इन प्लेटों में छेड़छाड़ या डुप्लिकेट बनाना लगभग असंभव होता है, जिससे वाहन पहचान अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय हो जाती है।
रायपुर में 15 लाख वाहन, 7 लाख में लगी HSRP
परिवहन विभाग के अनुसार रायपुर जिले में लगभग 15 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से केवल करीब 7 लाख वाहनों में ही HSRP नंबर प्लेट लगाई गई है। शेष वाहनों में यह प्लेट लगना अभी बाकी है। पुलिस का मानना है कि गलत या फर्जी नंबर प्लेट का फायदा अपराधी उठाते हैं, जिसे HSRP से रोका जा सकता है।
संयुक्त अभियान चलाएगी यातायात पुलिस
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में HSRP जांच अभियान चलाएंगे। जिन वाहनों में HSRP नहीं पाई जाएगी, उनके चालकों से मौके पर ही आवेदन/रजिस्ट्रेशन फार्म भरवाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द प्लेट लगवाई जा सके।
पुलिस की अपील
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में शीघ्र HSRP नंबर प्लेट लगवाएं। यह न केवल कानूनन अनिवार्य है, बल्कि वाहन सुरक्षा और दुरुपयोग से बचाव के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
